मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर भाजपा ने वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान और सपा ने पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। अब इंतजार सिर्फ बसपा के अगले कदम का है। बसपा अगर अकेले चुनाव लड़ती है तो त्रिकोणीय मुकाबला होगा, लेकिन अगर इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी होती है तो सीधे मुकाबले के आसार बन जाएंगे।
इंडिया के लिए बनेगा यह समीकरण
बसपा, सपा और कांग्रेस के एक साथ चुनाव मैदान में आते ही मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर दलित-मुस्लिम एवं अन्य मतों का मजबूत समीकरण बनेगा। साल 2009 में भाजपा और रालोद ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, तब भी बसपा से चुनाव लड़े कादिर राणा ने जीत हासिल की थी।
सहारनपुर और बिजनौर में बसपा के सांसद
लोकसभा चुनाव 2019 की बात करें तो पश्चिम यूपी में रालोद का खाता खाली हो गया था, लेकिन बसपा ने यहां दो सीटें जीत ली थी। इनमें सहारनपुर और बिजनौर सीट पर बसपा के प्रत्याशी जीतकर सांसद बने थे।