मुजफ्फरनगर। रविवार को लॉकडाउन के दूसरे दिन भी सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग घरों से बाहर नहीं निकले। इक्का-दुक्का लोग जरूरी काम होने पर ही सड़कों पर नजर आए। दूध की दुकानें खुलीं, जबकि मेडिकल भी अधिकांश बंद ही रहे। पेट्रोल पंप नहीं खुले और गली-मोहल्लों में आने वाले सब्जी एवं फल विक्रेता भी नदारद रहे।
प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 55 घंटे के लॉकडाउन के दूसरे दिन सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा रहा। बेहद जरूरी काम से ही लोग घरों से बाहर निकले। नगर के भगत सिंह रोड, रुड़की रोड, अंसारी रोड, गांधी कॉलोनी, एसडी मार्केट, मालवीय चौक, प्रकाश चौक समेत शहर के अन्य सभी मार्केट बंद रहे। मेडिकल स्टोर खोलने पर पाबंदी नहीं थी लेकिन अधिकांश संचालकों ने अपने मेडिकल स्टोर भी बंद रखे। दूध की दुकानें सुबह-शाम खुली नजर आईं। पुलिस ने भी लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती की। शिव चौक, मीनाक्षी चौक, अहिल्या बाई चौक पर चेकिंग अभियान चलाया। वाहनों से या पैदल आने-जाने वालों से कारण पूछा और यदि कोई बेवजह घूमता मिला तो उसे फटकार लगाई। दो दिन के लॉकडाउन के बाद सोमवार सुबह से बाजार खुलेगा।
एटीएम भी बंद रहे
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन के चलते रविवार को शहर के अधिकांश एटीएम भी बंद रहे। जिससे लोगों को परेशानी हुई। प्रशासन ने पेट्रोल पंप भी बंद कर दिए थे।
रोडवेज को 15 लाख का नुकसान
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन के चलते दूसरे दिन भी रोडवेज की बसें नहीं चली। बेडे़ की सभी 203 बसें डिपो में खड़ी रही। दो दिनो से बसे नहीं चलने के कारण डिपो को करीब 15 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
लॉकडाउन के दूसरे दिन भी बंद रहे बाजार
मीरापुर/भोपा। कोविड-19 के तहत लागू किए गए लॉकडाउन के दूसरे दिन भी कस्बे के सभी बाजार पूरी तरह बंद रहे। केवल मेडिकल स्टोर व क्लीनिक ही खुले। सड़कों पर लोगों की आवाजाही नगण्य रही, लेकिन कोरोना पॉजिटिव पाए गए क्षेत्र में कुछ लोग नगर पंचायत द्वारा लगाई गई बल्लियों को लांघकर घूमते नजर आए। थाना पुलिस द्वारा लगातार लोगों से घरों में ही रहने की अपील की जाती रही। उधर, भोपा में लॉकडाउन के दूसरे दिन कस्बे के साथ ही शुकतीर्थ में भी सन्नाटा पसरा रहा। अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहने के कारण सड़के सूनी रही। इक्का-दुक्का लोग सड़कों पर निकले, जिन्हें मुस्तैदी से गश्त करते पुलिसकर्मी समझा-बुझाकर घरों में भेजती रही।