उन्होंने बच्ची को अपनी सरकारी गाड़ी से जिला अस्पताल भिजवाया और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि उसका समुचित इलाज कराया जाए। डीएम ने भरोसा दिलाया कि इलाज का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा।
इस संवेदनशील पहल को देखकर वहां मौजूद जनसामान्य और अधिकारी भावुक हो उठे। सोशल मीडिया पर भी डीएम की इस मानवीयता की सराहना हो रही है।