मुजफ्फरनगर में एसडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पुस्तक का विमोचन करते वाणी संस्था से जुड़े साहित्य
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मानवीय संवेदना की शाब्दिक अभिव्यक्ति ही साहित्य
मुजफ्फरनगर। एसडी इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि गीतकार राजेंद्र राजन ने वाणी के 26वें संकलन अभिव्यक्ति का लोकार्पण किया।
मुख्य अतिथि गीतकार राजेंद्र राजन ने कहा कि मानवीय संवेदना की शाब्दिक अभिव्यक्ति साहित्य है। मानस जगत में जब अवरोधों का एक सन्नाटा अपने वजूद को सामान्य, सरल जीवन पर हावी करने लगता है, तो जीवन उससे मुक्त होने को छटपटाने लगता है। वाणी संकलन अभिव्यक्ति की रचना एवं हृदय की गहराइयों को स्पर्श करने में सक्षम है। विशिष्ट अतिथि डॉ वीरेंद्र आजम ने कहा कि आज का व्यक्ति आत्मकेंद्रित हो गया है। उसकी सोच के केंद्र में समाज और राष्ट्र नहीं है। राष्ट्र और स्वस्थ समाज निर्माण की भूख जगानी होगी, जो आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करेगी। साहित्य ऐसा हो जो जटिलता रहित हो, सहज ग्राह्य हो, इसी में साहित्य की सार्थकता है। कार्यक्रम में संकलन की संपादक वीना गर्ग के संपादकीय प्रयासों की प्रशंसा हुई। इस दौरान डॉ जेपी सविता,डॉ बीके मिश्रा, हरपाल सिंह अरुष, नेमपाल प्रजापति, मधुर नागवान, रोहित कौशिक, रामकुमार शर्मा रागी, डॉ केडी कौशिक, अमरीश गर्ग, कमला शर्मा, सपना अग्रवाल आदि उपस्थित रहे । समारोह की अध्यक्षता योगेंद्र सोम और संचालन प्रतिभा त्रिपाठी ने किया।