मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के पुरबालियान गांव के किसान विपिन (28) की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में एक ही परिवार के पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोषियों में पिता-पुत्र के अलावा दो सगे भाई शामिल हैं। जमीन विवाद में कहासुनी के बाद हत्या की वारदात हुई थी। अपर सत्र न्यायालय संख्या-1 की पीठासीन अधिकारी गरिमा सिंह-1 ने यह फैसला सुनाया।
दोषियों ने अपने छोटे बच्चों और परिवार का हवाला देकर सजा में राहत की गुहार लगाई। अदालत ने कहा कि अभियुक्तों को यह महसूस करना चाहिए कि उनके द्वारा याची के सामने ही उसके जवान पुत्र की हत्या की गई। इससे उनको कितना अकल्पनीय कष्ट पहुंचा होगा।
वादी कंवरपाल ने 28 अक्तूबर 2020 को मंसूरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि सुबह नौ बजे उसका बेटा विपिन घर के पास चौक पर बैठा हुआ था। इस बीच पड़ोसी धनसेठ के पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और तमंचों से हमला बोल दिया। उस दौरान गोली मारकर विपिन की हत्या कर दी गई, जबकि बीच-बचाव के दौरान भतीजा अंकित घायल हो गया था।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी धनसेठ उर्फ धर्मेंद्र, उसके बेटे राजा, दो सगे भाई पविंद्र और रविंद्र के अलावा नितिन उर्फ अवि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया था। जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
शनिवार को आरोपी अदालत में पेश हुए। दोष सिद्ध होते ही उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया। अदालत ने हत्या में आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड, जानलेवा हमले में 10-10 साल कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि दोषी धनसेठ और राजा को आयुष अधिनियम में दो-दो साल कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए।