मुजफ्फरनगर। जनपद में कुष्ठ रोग पैर पसार रहा है। हाल में चले जांच अभियान के दौरान आठ नए कुष्ठ रोगी सामने आए हैं। जनपद में कुष्ठ रोगियों की संख्या 62 हो गई है। जांच के दौरान 805 संदिग्ध रोगियों की पहचान की गई थी। जिनमें आठ लोगों में कुष्ठ रोग की पुष्टि हुई है।
जनपद में एक से 18 मार्च तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनपद के 33 लाख से अधिक लोगों को परीक्षित कराया। जिनमें संदिग्ध कुष्ठ रोगियों को चिह्नित कर उनकी जांच कराई गई। जांच के दौरान आठ लोगों में कुष्ठ रोग की पुष्टि हुई।
डिप्टी सीएमओ डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि 3305892 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान जनपद में 805 संदिग्ध रोगी पाए गए। उन्होंने बताया कि मोरना में पांच और पुरकाजी में दो नए कुष्ठ रोगियों की पहचान हुई। जबकि गालिबपुर में एक नया रोगी पाया गया।
- मखियाली और मोरना में मिले 89-89 संदिग्ध कुष्ठ रोगी
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुष्ठ रोगियों का पता लगाने के लिए 2936 टीमों को लगाया गया। जिन्होंने 539824 घरों का भ्रमण किया। इस दौरान 522981 घरों पर परिवार के सभी सदस्य मौजूद मिले। मोरना और मखियाली में सर्वाधिक 89-89 रोगी पाए गए। पुरकाजी में 87 और शहरी क्षेत्र में 90 संदिग्ध रोगी पाए गए।
- नए कुष्ठ रोगियों के घरों के आसपास की गई सघन स्क्रीनिंग
डिप्टी सीएमओ डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि जो भी नए कुष्ठ रोगी मिलते हैं, उनके घर के दाएं, बाएं और सामने के तीन तीन घरों और उनके परिवार के सभी सदस्यों की सघन स्क्रीनिंग की जाती है। जो नए रोगी मिले हैं उनके घरों के आसपास रह रहे लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई। उन्हें बचाव की दवा भी खिलाई गई। बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रेड टू या बाल रोगी मिलने पर पूरे गांव का सर्वे कर बचाव की दवा खिलाई जाती है। शहरी क्षेत्रों में ऐसी स्थिति में आसपास के 10 घरों में बचाव की कार्रवाई की जाती है। बताया कि स्क्रीनिंग के दौरान एक भी बाल कुष्ठ रोगी नहीं पाया गया।