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लखीमपुर खीरी कांड : सपा कार्यकर्ताओं का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन

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लखीमपुर कांड के विरोध में मुजफ्फरनगर के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता व पदाधिकार? - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। लखीमपुर खीरी कांड को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए जिला मुख्यालय पर धरना दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी पर कार्यकर्ताओं ने रोष जताया और राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को ज्ञापन भी दिया गया।
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सपा कार्यकर्ता महावीर चौक से लेकर कलक्ट्रेट तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे और धरना देते हुए सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि भाजपा की केंद्र व यूपी की सरकार अब तक के इतिहास की सबसे निरंकुश किसान विरोधी सरकार साबित हुई है। पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा चंद उद्योगपतियों के निजी हितों के लिए लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के धरने को नौ माह से ज्यादा हो गए हैं। लगातार किसानों की शहादत हो रही है। पूर्व मंत्री उमा किरण, पूर्व विधायक अनिल कुमार ने प्रदेश की योगी सरकार के संरक्षण में हुए लखीमपुर खिरी के किसान नरसंहार को सुनियोजित घटना बताया।
मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप, राकेश शर्मा, रामनिवास पाल, पूर्व राज्यमंत्री मुकेश चौधरी ने भी विचार रखे। राष्ट्रपति के नाम एडीएम प्रशासन अमित सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में साजिद हसन, जिया चौधरी, गौरव जैन, अब्दुल्ला राणा, अलीम सिद्दीकी, विनयपाल, देवेंद्र सिंह खालसा, राजीव बालियान, सोमपाल सिंह भाटी, अंसार मौजूद रहे।
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उधर, खतौली में रालोद कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय महामंत्री धर्मेंद्र तोमर के नेतृत्व में तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी को सौंपा। मौके पर पंकज राठी, अनुज, कपिल चौधरी, लोकेश कुमार, सतेंद्र राठी, प्रमेंद्र राठी, राजेंद्र राठी, पुष्पेंद्र चौधरी, नकुल मौजूद रहे।
लखीमपुर खीरी की घटना बदजुबानी का परिणाम
मुजफ्फरनगर। आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना अत्यंत दुखद है। जिम्मेदार या संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को बोलते वक्त संयम बरतने की जरूरत है। सदरपुर गांव में संगठन की बैठक में प्रमोद कुमार ने कहा कि उत्तेजना या बिना सोचे समझे दिया गया स्टेटमेंट सरकार और जनता दोनों के लिए परेशानी खड़ी करता है। जसप्रीत प्रधान ने कहा कि जो चीज हम किसानों को चाहिए नहीं उनको हम पर थोपना गलत है सरकार कृषि कानूनों पर पुनर्विचार करें। मौके पर टिकोला चीनी मिल के पूर्व चेयरमैन हरविंदर सिंह, जोगिंदर सिंह, जसप्रीत सिंह प्रधान, सुरेंद्र मुखिया, धीर सिंह वकील, आजाद वीर मौजूद रहे। संवाद
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