- तीन दिन पहले रोनी हरजीपुर से मुक्त कराए थे तीन श्रमिक, दो भेजे बिहारगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। एसडीएम सदर परमानंद झा ने रोनी हरजीपुर में किसान के यहां मजदूरी करने वाले बिहार और झारखंड के श्रमिकों के संबंध में आदेश दिया है। झारखंड पुलिस की अर्जी पर एक मजदूर की पूर्णतया शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट के लिए सौंपा गया। दो मजदूरों को पता मालूम नहीं होने के कारण अपना घर आश्रम बिहारगढ़ में दाखिल करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया।
मेरठ के ग्रामीण विकास केंद्र ने रोनी हरजीपुर में किसान द्वारा तीन बच्चों को बंधक बनाकर मजदूरी कराने की शिकायत सहायक श्रमायुक्त से की थी। प्रकरण में झारखंड के साहेबगंज के थाना बोरियो के उप निरीक्षक संदीप गुप्ता बच्चों की जानकारी के लिए रोनी पहुंचे थे। छानबीन के तीनों को गांव से मुजफ्फरनगर लाकर एसडीएम सदर के यहां बयान हुए। उप निरीक्षक संदीप ने श्रमिक सूरज के शिनाख्त एवं डीएनए सैंपलिंग के लिए झारखंड ले जाने की अर्जी एसडीएम सदर को दी। जिसमें उल्लेख किया है सूरज ने अपने पिता और गांव का नाम नहीं बताया है। श्रमिक के पूर्ण सत्यापन के लिए झारखंड ले जाया जाना आवश्यक है।
एसडीएम ने थाना पुलिस को सूरज को झारखंड के उप निरीक्षक को सुपुर्दगी में देने के आदेश दिए। वहीं, चरथावल थाना प्रभारी को बरामद किए दो श्रमिकों को शुकतीर्थ के बिहारगढ़ आश्रम की अभिरक्षा भेजने के आदेश पारित किए। थाना प्रभारी ओमप्रकाश सिंह ने बताया दोनों को संबंधित आश्रम में भिजवा दिया है।