मुजफ्फरनगर के चरथावल के कुटेसरा गांव में बुखार से लगातार मौतों से लोगों में कोहराम मचा है। शनिवार शाम शायर अहसान की पत्नी समेत तीन मौतों से गांव में दहशत पसरी है। ग्रामीणों का आरोप है कि डेंगू का प्रकोप फैलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग चैन की नींद सोए हुए है। सैकड़ों लोग मेरठ, देवबंद और मुजफ्फरनगर के प्राइवेट अस्पतालों में बुखार से जूझ रहे हैं।
गांव के मौलाना अहसान शायर हैं। उनकी पत्नी आबिदा (45) को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। आनन-फानन में परिजन उन्हें मेरठ प्राइवेट नर्सिंग होम में ले गए। लेकिन शनिवार देर शाम उनकी मौत की खबर गांव पहुंची तो मातम छा गया। इसके अलावा तीन दिनों से बुखार से पीड़ित अब्दुल रहमान की पुत्री सोफिया (16) मुजफ्फरनगर इलाज करा रही थी। शाम को उसका भी इंतकाल हो गया।
इनके अलावा छोटन के दो वर्षीय पुत्र बुखार के कारण देवबंद भर्ती था। शनिवार को उसने भी दम तोड़ दिया। एक दिन में तीन मौतों से ग्रामीण खौफजदा हैं। गांव में सैकड़ों मरीज देवबंद, मेरठ और मुजफ्फरनगर बुखार में तड़प रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य पति कामिल, पूर्व प्रधान याकूब अली, शमशाद और इकबाल का आरोप है कि गांव में इब्राहीम पट्टी में बुखार से मरीजों की मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने डीएम दिनेश कुमार सिंह से गांव में बुखार की रोकथाम के लिए व्यापक इंतजाम कराने की मांग की है।