मुजफ्फरनगर के जिला चिकित्सालय में एक बच्ची को जन्म देने वाली अर्द्धविक्षिप्त महिला शनिवार को अपनी नई मंजिल की ओर बढ़ गई है। फिलहाल जच्चा-बच्चा को सामाजिक संस्था लोक आस्था को सौंपा गया है। महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
शहर की सड़कों पर एक साल पहले घूमती अर्द्धविक्षिप्त महिला दुष्कर्म का शिकार हो गई थी। अमर उजाला ने इस संवेदनशील मानवीय मुद्दे को उठाया और अबला की आवाज बुलंद की। इसके बाद शहर में सब धर्मों के लोग आगे आए और पीड़िता की मदद को एकजुट हुए। रामपुरम के वाशिंदों की सेवा भावना की तारीफ करनी होगी।
उन्होंने न सिर्फ महिला को आश्रय दिया, बल्कि चिकित्सा, भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था का जिम्मा उठाया। मामला सुर्खियों में आया तो प्रशासन ने भी जिम्मेदारी निभाई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला का स्वास्थ्य परीक्षण किया और एक माह तक अस्पताल में निगरानी में रखा। 30 सितंबर को उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां दो नवंबर को उसने एक बेटी को जन्म दिया। शनिवार को तमाम औपचारिकताओं के बाद महिला अस्पताल ने जच्चा-बच्चा को छुट्टी दे दी है।
फिलहाल अर्द्धविक्षिप्त महिला और उसके बच्चे की जिम्मेदारी लोक आस्था संस्था की अध्यक्ष चंद्रमुखी यादव और सचिव सुनील वर्मा को दी गई है। आर्य महिला वृद्ध आश्रम शुक्रताल ने भी महिला के संरक्षण के लिए आग्रह किया था। नियमों के मुताबिक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। पीड़िता को नईमंडी के ग्रेन चैंबर धर्मार्थ औषधालय में रखा जाएगा।