गोली की आवाज सुनकर मजदूर और मुंशी ऑफिस की तरफ दौड़ पड़े। मजदूरों को आता देख बदमाश तेजी से बाइक लेकर फरार हो गए। मुंशी और मजदूरों ने ऑफिस के अंदर देखा तो अजय मलिक लहूलुहान हालत में मृत पड़े थे। मुंशी ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल, सीओ रुड़की बहादुर सिंह चौहान, कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट समेत भारी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी। साथ ही शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि जांच में पता चला है कि अजय मलिक ने वर्ष 2014 में माजरा निवासी नाथीराम से 16 साल के लिए भट्ठे की जमीन लीज पर ली थी, लेकिन नाथीराम का बेटा विपिन लीज का समय खत्म होने से पहले ही जमीन खाली करने का दबाव बना रहा था। इसे लेकर अजय मलिक और विपिन में विवाद चला आ रहा था।
अभी तक की जांच में हत्या के पीछे विपिन का हाथ ही सामने आ रहा है। मृतक के बहनोई डॉ. प्रवीण सालार की तहरीर पर विपिन और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। विपिन की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में ली
पुलिस और सीआईयू की टीम ने भट्ठे पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही ईंट भट्ठे के मुंशी और काम करने वाले मजदूरों से पुलिस बाइक सवार बदमाशों के हुलिए और बाइक के बारे में जानकारी ले रही है। वहीं, पुलिस ने विपिन के घर पर दबिश दी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। पुलिस विपिन के परिजनों से भी पूछताछ कर रही है।
बदमाशों की धरपकड़ को बनाई चार टीम
एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि हत्या में शामिल बदमाशों की तलाश के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। चारों टीमों को जल्द ही बदमाशों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हत्या के पीछे अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों से इस मामले में जानकारी ली जा रही है।
...तो रेकी कर रहे थे बदमाश
पुलिस आशंका जता रही है कि बदमाश अजय मलिक की रेकी कर रहे थे। उन्हें अजय मलिक के भट्ठे पर आने के समय की भी पूरी जानकारी थी। यही वजह है कि उनके भट्ठे पर पहुंचने के कुछ देर बदमाश पहुंचे और गोली मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, पुलिस को आशंका है कि हत्या करने वाले बदमाश शार्प शूटर रहे होंगे, जिसके चलते उन्होंने एक गोली सीने और दूसरी सिर में मारी है।