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नकली दवा प्रकरण : आयुर्वेदिक की आड़ में धड़ल्ले से बन रहीं थीं नारकोटिक्स और एंटीबायोटिक दवाएं, तीन को भेजा जेल

Wed, 30 Jun 2021 12:06 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

औषधि निरीक्षक ने बताया कि गांव बिलासपुर निवासी सहदेश के आयुर्वेदिक दवाइयों के लाइसेंस की आड़ में बड़े पैैमाने पर नकली एलोपैथिक दवाइयां बनाई जा रहीं थीं। यह धंधा कई साल से बदस्तूर जारी था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयुर्वेदिक दवाइयों की आड़ में धड़ल्ले से नकली एलोपैथिक दवाइयां बनाकर सूबे के कई जनपदों में सप्लाई की जा रही थी। इनमें मुख्यत: नारकोटिक्स और एंटीबायोटिक दवाइयां शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

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कानपुर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ ही बुलंदशहर, अलीगढ़ व सहारनपुर औषधि विभाग की टीमों ने रविवार रात से ही जिला मुख्यालय में दबिश देकर सोमवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिला औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद ने बताया कि मामले में आर्यसमाज रोड स्थित बलराज गर्ग, गांव बिलासपुर निवासी सहदेश व मोहल्ला महमूदनगर निवासी मुरसलीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि गांव बिलासपुर निवासी सहदेश के आयुर्वेदिक दवाइयों के लाइसेंस की आड़ में बड़े पैैमाने पर नकली एलोपैथिक दवाइयां बनाई जा रहीं थीं। यह धंधा कई साल से बदस्तूर जारी था। फैक्टरी में  मुख्य तौर पर नारकोटिक्स, ताकत की और एंटीबायोटिक दवाइयां शामिल हैं, जिन्हें जनपद के साथ ही प्रदेश के कई अन्य जनपदों में भी सप्लाई किया जाता था।

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इस पूरे खेल में सहदेश व मुरसलीन नकली दवाइयां बनाकर तैयार करते थे, जबकि बलराज गर्ग इन दवाइयों को सूबे के कई जनपदों में सप्लाई करता था। औषधि निरीक्षक ने बताया कि नकली दवाइयों का यहा काला धंधा कई जनपदों में चल रहा था, जिससे लाखों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था।

तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। वहीं, आरोपियों से पूछताछ में अन्य लोग भी सामने आए हैं, जिनके इस धंधे में शामिल होने की पुष्टि होने के बाद उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।

जिले में ही डेरा डाले हुए है टीम
मुजफ्फरनगर जिला औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद ने बताया कि कानपुर एसटीएफ के साथ ही अन्य सभी जनपद से वाले अफसर जनपद में ही डटे हुए हैं। संभवत: टीम अभी इस मामले में ओर भी कार्रवाई कर सकती है। 

ये सामान हुआ बरामद
- 19 स्ट्रिप अल्ट्रासेट टैबलेट
- 35 किलो वजन के ग्रेन्यूल (कैप्सूल में भरने वाले रंगीन दाने)
- तीन कैप्सूल फिलिंग मशीन
- दो बिलिस्टर पैकिंग मशीन
- एक टैबलेट पंचिंग मशीन
- एक कोटिंग, एक ग्राइंडर
- एक सिलिंग मशीन
- दो सौ ग्राम एल्युमीनियम फॉइल
-आठ होलोग्राम स्ट्रिप
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