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गोदाम से ही बहाया गया था हजारों लीटर मिट्टी तेल

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नाले से स्थानीय लोग अभी भी तेल एकत्र कर रहे है। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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गोदाम से ही बहाया गया था हजारों लीटर केरोसिन
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मुजफ्फरनगर। सरकुलर रोड पर सोमवार की सुबह भीषण अग्निकांड की वजह गोदाम से बहाया गया मिट्टी का तेल ही था। सोमवार सुबह करीब आठ से 8.35 बजे के बीच यह तेल बहाया गया था। गोदाम के लापरवाह कर्मचारियों ने गर्मी के कारण जमीन में दबे टैंक से उफनने के कारण तेल बहने की बात कहकर अपनी कमियों को छिपाने की कोशिश की थी।
शहर के सरकुलर रोड पर सोमवार सुबह 9.30 बजे नाले में किसी ने जलती बीड़ी या सिगरेट फेंक दी थी, जिसकी चिंगारी से तेल में आग लग गई थी। करीब 300 मीटर की दूरी तक आग की लपटें धधक उठी थीं। नाले में बहाए गए केरोसिन का स्त्रोत जांच में वहां से कुछ दूरी पर स्थित इंडियन ऑयल के अधिकृत डीलर के तेल गोदाम से पाया गया था। सीओ सिटी दीक्षा शर्मा व सीएफओ रमाशंकर तिवारी समेत अन्य अफसरों ने हादसे की जांच को आगे बढ़ाने के लिए लगातार गोदाम मालिकों को फोन किए, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई थी। आखिरकार अफसरों ने गोदाम के ताले तोड़कर जांच करने के बाद उसे सील कर दिया था। मंगलवार को अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र के कई लोगों से वार्ता की। इसी दौरान गांधी आश्रम के गेट कीपर गांव सुजड़ू निवासी नवाब अली समेत अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब वे सोमवार सुबह करीब 8.45 बजे वहां पहुंचे, तो तेल की भारी दुर्गंध क्षेत्र में फैली हुई थी। नाले में दूर-दूर तक बड़ी मात्रा में केरोसिन फैला हुआ था। गोदाम तक पहुंचे तो वहां तीन-चार कर्मचारी मौजूद थे और गोदाम में भी तेल बिखरा हुआ था, जिसे साफ किया जा रहा था। लोगों के पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि तेज गर्मी के चलते मिट्टी तेल के जमीन में दबे टैंक उफन गए हैं। करीब तीन से चार हजार लीटर केरोसिन बह गया है। गोदाम की साफ-सफाई कर कर्मचारी उसे ताला लगाकर चले गए थे। हालांकि, उस समय तक किसी को अंदाजा नहीं था कि थोड़ी देर बाद ही नाले में फैला यह तेल भीषण अग्निकांड की वजह बन जाएगा।
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नाले से तेल समेटते मिले बच्चे
मुजफ्फर नगर। सरकुलर रोड स्थित नाले में अभी केरोसिन फैला हुआ है। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे कांशीराम आवासीय कॉलोनी के कुछ बच्चे हाथों में बोतल व प्लास्टिक की केन लिए हुए ट्रांसफार्मर के पास नाले से मिट्टी का तेल समेटते हुए मिले। हालांकि अमर उजाला के कैमरे में कैद होने से पहले वे सहमकर केन व बोतल वहीं छोड़ रफूचक्कर हो गए।
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डीएसओ सुनील पुष्कर का कहना है कि अब तक की जांच से यह तो साफ है कि तेल नाले मेें बहाया गया है। यह तेल किसने और क्यों बहाया, इसकी जांच की जा रही है। सोमवार सुबह तेल गोदाम से कर्मचारियों को तेल बहाते हुए देखने वाले प्रत्यक्षदर्शियों से बात की जाएगी, यदि वे सामने आकर अपने बयान दर्ज कराते हैं तो उसे जांच में शामिल किया जाएगा, जो जांच को पुख्ता करने में मदद करेगा।
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