मुजफ्फरनगर। करवाचौथ पर सुहागिनों ने व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना की और दोपहर में कथा सुनी। बुजुर्गों के लिए बायना निकाले, जबकि बदले में बुजुर्गों ने सुहागिनों को उपहार भेंट किए। रात्रि को चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोले गए।
जीवनसाथी की दीर्घायु के लिए रखे जाने वाला करवाचौथ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखे। दोपहर में एकत्र होकर सामूहिक रूप से करवाचौथ की कथा सुनी। मिट्टी और चीनी से बने करवों की पूजा-अर्चना की। कथा श्रवण के बाद महिलाओं ने सास-ससुर, जेठ-जेठानी आदि बुजुर्गों के बायने निकाले, जिसके बदले में उन्होंने सुहागिनों को उपहार भेंट किए।
पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह साफ नजर आ रहा था। सजने संवरने के लिए ब्यूटी पार्लरों में काफी भीड़ रही। शिव चौक पर मेहंदी लगाने वाले कलाकारों के यहां भी आकर महिलाओं ने हाथों पर मेहंदी लगवाई और बाजारों में खरीदारी की। गांधी कालोनी, जाट कालोनी, नई मंडी, अग्रसेन विहार आदि स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक कथा श्रवण और पूजन कार्यक्रम आयोजित किए।
जाट कालोनी में कृष्णा के यहां पूजन कार्यक्रम हुआ। सत्यवती, मधु, मोनिका, मुकेश, बबीता, कुसुम रानी, अमिता, मंजू आदि शामिल रही। उधर, जिन सुहागिनों के पति दूर प्रदेश में रहे और पर्व पर किसी कारण नहीं आ सके, उन सुहागिनों ने फोटो देखकर चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोला।