मुजफ्फरनगर। हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़िये अपने-अपने क्षेत्र के शिवालयों की ओर से रवाना हो गए। बुधवार से शहर से बेरिकेडिंग हट जाएंगी। रास्ते खुलेंगे और दोबार बाजार गुलजार होने शुरू हो जाएंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान ग्राहकों को भी दुकानों तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। रास्ते बंद हो जाने से करीब 300 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है।
कांवड़ यात्रा के कारण रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया था। शहर के प्रमुख मार्गो पर आम लोगों का आवागमन बाधित रहा। देहात और कस्बों से भी ग्राहक खरीदारी के लिए नहीं पहुंचे। अधिकतर दुकानों पर ग्राहकों का टोटा रहा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक सोहन पाल ने बताया कि उनका प्रतिष्ठान कच्ची सड़क पर है। जो प्रमुख कांवड़ मार्ग है। कच्ची सड़क सहित जीटी रोड पर दूर तक जबकि भगत सिंह रोड, एसडी मार्केट में करीब एक सप्ताह तक कांवड़ यात्रियों के आवागमन के कारण दुकानों पर इक्का-दुक्का ही ग्राहक नजर आए।
इसके अलावा पेपर मिलो में 60 करोड़ से अधिक के कागज का उत्पादन नहीं हो पाया। लोहा एवं अन्य उद्योगों में 200 करोड़ का उत्पादन प्रभावित हुआ। जबकि ग्राहक न आने से खुदरा व्यापारियों की बिक्री भी काफी प्रभावित हुई।
कांवड़ यात्रा से प्रभावित हुए उद्योग : जैन
फोटो
आईआईए के चेयरमैन अमित जैन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद के उद्योग काफी प्रभावित रहे। फैक्टरी में काम करने वाले श्रमिक और अन्य तकनीकी लोग रास्ते बंद होने के कारण छुट्टी पर चले गए। काफी लेबर कांवड़ लेने भी गई। इस दौरान जनपद का 80 प्रतिशत से अधिक उद्योग बंद रहा। आईआईए से 240 इंडस्ट्री जुड़ी हैं। औद्योगिक क्षेत्र सहित जीटी रोड एवं अन्य मार्गो पर लोहा उद्योग सहित अन्य सैंकड़ों उत्पादन इकाईयां हैं।
पेपर उत्पादन एक सप्ताह से ठप
फोटो
पेपर मिल एसोसिएशन के नॉर्थ जोन के चेयरमैन पंकज अग्रवाल का कहना है कि एक सप्ताह से जिले में उद्योग पूरी तरह बंद हैं। जनपद की सभी 30 पेपर मिल बंद चल रही है। आंकलन किया जाए तो 50 करोड़ से अधिक का उत्पादन प्रभावित हुआ।
-
20 हजार टन पेपर उत्पादन प्रभावित
फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व चेयरमैन एवं उद्यमी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि एक सप्ताह में करीब 20 हजार टन से अधिक पेपर उत्पादन प्रभावित हुआ। जो करीब 60 करोड़ से अधिक का बैठता है।