मुजफ्फरनगर। यूक्रेन में खेली गई इंटरनेशनल जूनियर महिला बाक्सिंग चैंपियनशिप में जनपद की बेटी सोना लाने से चूक गई। बेटी के पंच यूक्रेन की मुक्केबाज पर खतरनाक पड़े, मगर वह स्वर्ण पदक नहीं जीत पाई। बेटी ने रजत पदक जीतकर जनपद के साथ भारत का नाम रोशन किया। झलक तोमर के प्रतियोगिता में जीतने पर परिवार के साथ गांव में जश्न का माहौल है।
यूक्रेन में हुई इंटरनेशनल जूनियर महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व जनपद के गांव पीनना की खिलाड़ी झलक तोमर ने किया। 12 से 16 दिसंबर तक यूक्रेन में प्रतियोगिता कराई गई, जिसमें बेटी ने खूब दमखम दिखाया। कई बाधाओं को पार झलक ने सेमी फाइनल में विपक्षी मुक्केबाजों को हराकर कामयाबी का रास्ता तय किया।
शनिवार को हुए फाइनल मुकाबले में बेटी यूक्रेन की खिलाड़ी से हार गई, जिसके चलते वह गोल्ड नहीं जीत सकी है। जबकि झलक ने इस प्रतियोगिता में देश के लिए रजत पदक जीता है। यह पदक झलक ने 54 किलोभार वर्ग में जीता है। उसकी जीत से परिवार और गांव में जश्न का माहौल है।
पिता तेज बहादुर तोमर ने बताया कि झलम ने परिवार समेत देश का नाम रोशन किया है। बेटी की इस जीत से वह खुश है, लेकिन अगली बार बेटी देश के लिए सोना जीतेगी। इसके लिए ईश्वर से कामनाएं हैं। बता दें कि झलक तोमर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सिंह को ट्वीट करने के बाद पासपोर्ट मुहैया हुआ था। विदेश मंत्री ने झलक का 24 घंटे में पासपोर्ट तैयार करार दिया था। जिसके चलते वह यूक्रेन रवाना हुई थी। ब्यूरो