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जनप्रतिनिधियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Sat, 16 Dec 2017 11:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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riot - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। नंगला मंदौड़ की महापंचायत में भड़काऊ भाषण देने के मुकदमे के आरोपी सूबे के गन्ना मंत्री सुरेश राणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, बिजनौर के भाजपा सांसद भारतेंदु सिंह, सरधना विधायक संगीत सोम, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, साध्वी प्राची आदि के खिलाफ शुक्रवार को               दूसरी बार गैर जमानती वारंट जारी                  हुए हैं।
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इससे पहले अदालत ने इनके खिलाफ 24 नवंबर को एनबीडब्ल्यू जारी किए थे, तब अदालत ने 15 दिसंबर की तारीख नियत की                  थी, मगर शुक्रवार को उक्त जनप्रतिनिधियों के पेश नहीं होने पर कोर्ट ने फिर से सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। उल्लेखनीय बात यह है कि इन सभी के एनबीडब्ल्यू दो समुदाय के बीच धार्मिक उन्माद फैलाने की धारा 153 (ए) के तहत जारी हुए है।

एसआईसी के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए शासन ने ही अगस्त माह में उक्त सभी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ धारा 153 (ए) बढ़ाए जाने की मंजूरी         दी है। इस धारा के बढऩे के               कारण इन सभी जनप्रतिनिधियों               की मुश्किलें बढ़ गई हैं।             शासन से मांगी गई थी  धारा बढ़ाने की मंजूरी
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मुजफ्फरनगर। कवाल कांड से लेकर दंगे तक दर्ज हुए तमाम मुकदमों की जांच शासन ने एसआईसी से कराई थी। एसआईसी ने तब धारा 188, 353, 147, 7 क्रिमनल लॉ एमेन्टमेंट एक्ट में चार्जशीट कोर्ट में पेश थी। सपा सरकार के दौरान ही एसआईसी ने धारा 153 (ए) बढ़ाने के लिए शासन को प्रार्थना पत्र लिखा था। शासन ने अगस्त माह में उक्त सभी के खिलाफ यह धारा बढ़ाने की मंजूरी दे दी थी। इस धारा में ही सभी के एनबीडब्ल्यू जारी हुए हैं। कोर्ट ने आगामी सुनवाई के लिए 19 जनवरी 2018 की तिथि नियत की है।
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