फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेत्रदान कर अमर हो गए जनार्धन प्रसाद

विज्ञापन
विज्ञापन
खतौली। खतौली देवीदास निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक जनार्धन प्रसाद जैन मंसूरपुर शुगर मिल के स्कूल में अध्यापक थे। वह लगभग 22 साल पहले सेवानिवृत्त हो गए थे। तभी से वह जनसेवा के काम में लगे थे।
विज्ञापन

रोटरी क्लब संस्था के साथी सुबोध जैन ने बताया कि जनार्धन नेत्रदान की इच्छा जताई थी। 29 अक्तूबर को उनका निधन हो गया था। उनके पुत्र विकास कुमार जैन ने आंखें दान करने के लिए निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट ऋषिकेश के चिकित्सकों को सूचित किया। वहां की टीम आई और उनकी दोनों आंखों का कॉर्निया लिया। खतौली में रोटरी क्लब संस्था भी नेत्रदान के इस कार्य में लोगों को प्रेरित करती है। निर्मल आई इंस्टिट्यूट के चिकित्सक डॉ. शालिका, डॉ रिम्षा एवं डॉ मकरेंदु ने जनार्दन दास के परिवार का आभार प्रकट किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें