देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद (महमूद गुट) का केंदुकी गांव में बनने वाला स्काउट गाइड प्रशिक्षण केंद्र निर्माण पूरा होने से पूर्व विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताने और क्षेत्रीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। प्रशासन ने जमीयत पदाधिकारियों से संपूर्ण रिकार्ड उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
जमीयत उलमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी और दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी ने करीब दो सप्ताह पूर्व केंदुकी गांव में युवाओं को स्काउट गाइड का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से ट्रेनिंग सेंटर की नींव रखी थी, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य जैसे ही शुरू हुआ कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए क्षेत्रीय विधायक से इसकी शिकायत की। ग्रामीणों का आरोप था कि जमीयत गांव में मदरसा बना रही है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद विधायक ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जिलाधिकारी अखिलेश सिंह को मामले से अवगत कराया। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन को मामले की जांच के आदेश दिए गए। एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने केंदुकी गांव में मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया था। फिलहाल जमीयत पदाधिकारियों से जमीन और वहां बनने वाले सेंटर संबंधी सभी रिकार्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। एसडीएम ने बताया कि रिकार्ड उपलब्ध होने तक कार्य को रुकवा दिया गया है। रिकार्ड देखने के बाद ही आगे कुछ कार्रवाई होगी। वहीं, विधायक बृजेश सिंह ने कहा कि ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्होंने प्रशासन से इस बारे में बात की थी। विधायक ने कहा कि जमीयत पदाधिकारियों ने प्रशासन से निर्माण संबंधी कोई अनुमति नहीं ली, जबकि जमीयत के जिला महासचिव मौलाना जहीन मदनी ने बताया कि केंदुकी में मदरसा नहीं भारत स्काउट गाइड का ट्रेनिंग सेंटर बनाया जा रहा है। जिसमें मुस्लिम ही नहीं हिंदू समाज के लोगों को भी स्काउट गाइड का प्रशिक्षण दिया जाएगा, लेकिन कुछ लोगों द्वारा भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। सेंटर के निर्माण के लिए संस्था भारत स्काउट गाइड से अनुमति ली गई। ग्रामीणों से वार्ता कर भ्रम की स्थिति को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
बृजेश सिंह, विधायक देवबंद- फोटो : DEVBAND