फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोल्हू चलते ही चीनी पर भारी पड़ा गुड़

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। निजी चीनी मिलों का नया पेराई सत्र शुरू होने में भले ही देरी हो, लेकिन किसानों ने कोल्हुओं में गन्ना पहुंचना शुरू कर दिया है। बरसात के कारण बाधित हुए सीजन के कारण इस बार शुरूआत में ही गुड़ के दाम आसमान पर है। इन दिनों चीनी से भी करीब आठ रुपये फुटकर दाम में गुड़ के अधिक हैं। अधिकतर कोल्हू पर प्रति पांच किलो गुड़ की कीमत 250 रुपये लोगों से ली जा रही है, जबकि चीनी के दाम फुटकर में 40 से 42 रुपये प्रति किलो है। हालांकि गुड़ और चीनी के मंडी भाव में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। पिछले साल की अपेक्षा गुड़ और चीनी के दाम इस बार अक्तूबर में अधिक है।
विज्ञापन

दी गुड़ खांडसारी के वरिष्ठ व्यापारी अरूण खंडेलवाल का कहना है कि चीनी का थोक भाव इस समय 3600 से लेकर 3750 रूपए क्विंटल तक है। इसमें पांच प्रतिशत जीएसटी लगती है। बाजार में 3800 से चार हजार तक ही चीनी बिक रही है। पिछले साल इन दिनों में चीनी के दाम लगभग 3300 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे थे। चीनी के मूल्यों में 500 रूपए क्विंटल का सीधा अंतर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की डिमांड बढने से ऐसा हुआ है।
दी गुड़ खांडसारी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना है कि गुड़ चाकू बाजार में 1571 रुपये प्रति 40 किलो बिका है। यह लगभग 3937 रुपये प्रति क्विंटल बैठता है। गुड़ का रेट यहां लगातार 3800 से चार हजार के बीच है। पिछले वर्ष यह तीन हजार के लगभग था। इस बार सीधे एक हजार का अंतर है।
विज्ञापन

बारिश ने बिगाड़ा गणित
गुड़ व्यापारी अचिंत मित्तल का कहना है कि सितंबर और अक्तूबर माह में बारिश होने के कारण इस बार कोल्हुओं में गुड़ बनाने का काम देरी से शुरू हुआ है, इसी के चलते रेट में उछाल है।
विज्ञापन

इनसेट
गुड़ बनाने में चीनी का इस्तेमाल
बरसात के कारण गन्ने में रिकवरी कम है। इस वजह से गुड़ बनाने में चीनी का प्रयोग किया जा रहा है। दाम बढने की एक वजह यह भी है।
कोल्हुओं से गांव-गांव कर रहे सप्लाई
कोल्हुओं से गुड़ को गांव-गांव सप्लाई किया जा रहा है। जहां गुड़ के दाम 50 रुपये प्रति किलो लिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें