पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान ने एनसीआर में एनजीटी द्वारा दस साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों व ट्रैक्टरों पर लगाई गई रोक का मुद्दा लोकसभा में उठाया। उन्होंने इस आदेश से किसानों के ट्रैक्टर और डीजल इंजन को बाहर करने की मांग की। सांसद ने एनजीटी की इस रोक से अधिकांश किसानों के प्रभावित होने की बात कहते हुए इसे छोटे किसानों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बताया।
दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर कुछ माह पहले एनजीटी ने दस साल पुराने ट्रैक्टर व डीजल इंजनों के संचालन पर रोक लगा दी थी। एनजीटी की इस रोक के चलते पुराने ट्रैक्टर व इंजन बंद हो गए हैं। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान ने मंगलवार को संसद में एनजीटी के इस आदेश को लेकर किसानों पर पड़ रहे इसके प्रभाव का जोरदार तरीके से मुद्दा उठाया।
सांसद डॉ बालियान ने संसद में कहा कि एनसीआर में पश्चिमी उप्र, हरियाणा और राजस्थान का 80 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र आता है। एनजीटी के इस आदेश के चलते करीब एक लाख किसान प्रभावित होंगे, जो खेती के लिए डीजल ईंधन वाले ट्रैक्टर व इंजन इस्तेमाल करते हैं।
आदेश के बाद उक्त ट्रैक्टर व इंजन बंद हो गए हैं, जिसके चलते किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने कहा कि विभिन्न कारणों के चलते पहले से ही किसान आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में उनके लिए नए ट्रैक्टर खरीदना बड़ा आर्थिक बोझ साबित होगा, जिसका असर किसानों के परिवार पर भी पड़ना तय है।
उन्होंने कहा कि किसान एक ट्रैक्टर के चलते दूसरा ट्रैक्टर खरीदने की क्षमता नहीं रखता। किसानों के पास 50 साल पुराने ऐसे भी ट्रैक्टर है, जो आज भी सही हालत में चल रहे है। सांसद बालियान ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के माध्यम से केंद्र सरकार से एनजीटी के इस रोक के आदेश से किसानों के ट्रैक्टरों और डीजल से चलने वाले इंजन को बाहर रखे जाने की मांग की है।