मुजफ्फरनगर। दवाईयों की कीमतों में सालाना 10.76 प्रतिशत की वृद्धि से जरूरी दवाओं की कीमत बढ़ने जा रही है। सिपलॉक्स की 10 गोली अब तक 41 रुपये में मिल रही है, एक अप्रैल से कीमत बढकऱ 45.41 रुपये के लगभग हो जाएगी। निजी चिकित्सकों के यहां महंगे इलाज की मार झेल रहे लोगों को अब दवाईयां भी और अधिक महंगी खरीदनी पड़ेगी।
कोरोना संक्रमण, ओमिक्रॉन की आपदा में डोलो, पैरिगेसिक, कांबिफ्लेम, क्रोसिन, मालिडेंस जैसे ब्रांड की बिक्री अधिक है। अभी तक डोलो 650 की एक गोली 2.06 रुपये की है। पैरिगेसिक 650 का रेट प्रति गोली 2.30 रुपये है। इनके दाम में 10 प्रतिशत वृद्धि होने जा रही है। बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाली पैरासिटामोल की कीमत सवा रुपये तक पहुंच सकती है।
विटामिन, खून बढ़ाने वाली दवाएं, एंटी बायोटिक समेत अन्य बीमारियों में काम आने वाली दवाओं के दाम बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची के अंतर्गत दवाओं की कीमतों पर नियंत्रत होता है।
पहली बार बढ़ रहे इतने दाम
अग्रवाल मार्केट में दवा विक्रेता संजीव वर्मा का कहना है कि जरूरी दवाओं के दाम पिछले कई सालों में पहली बार इतनी तेजी से बढ़े हैं। अभी तक एक या दो प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होती थी।
दवाओं पर घटने चाहिए दाम
अस्थमा की मरीज सावित्री देवी का कहना है कि दाम बढ़ाना गलत है। लोगों की जान बचाने वाली दवाओं की कीमत कम रहनी चाहिए, ताकि आम से आम आदमी इन्हें खरीद सकें।