मोरना। गंगा और सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में मुख्य मार्गों समेत किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। मोरना और लक्सर मार्ग पर छोटे वाहनों का संचालन बंद हो गया है।
ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका से दहशत है। पर्वतीय क्षेत्रों में हुई वर्षा के कारण गंगा नदी और सोलानी नदी में पानी ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। इसके चलते मोरना और लक्सर मार्ग पर छोटे वाहनों का संचालन बंद हो गया है।
इसके अलावा मजलिसपुर तौफीर, महाराज नगर, सिताबपुरी समेत शुक्रताल गंगा खादर, बिहारगढ़ गंगा खादर आदि गांवों में फसलें जलमग्न हो गई है। किसान ग्राम प्रधान योगेश, सुबोध, महेंद्र सिंह चौहान, डॉ. बुध सिंह, योगेश, रवि, बुधराम प्रधान, सुशील प्रधान, सरदार पलविंद्र आदि का कहना है कि किनारों पर बंधा न होने से इन नदियों का पानी खादर क्षेत्र के गांवों में हर साल भारी तबाही मचाता है। वर्षों से खादर क्षेत्र के ग्रामीण गंगा और सोलानी नदी के किनारों पर बंधा बनाने की मांग करते आ रहे हैं।
बंधा न होने के कारण किसानों की फसलें बाढ़ के कारण अक्सर बर्बाद हो जाती है। हालात ऐसे हो जाते है कि ग्रामीणों को पलायन करना पड़ता है। गांव मजलिसपुर तौफीर के ग्रामीणों ने लक्सर मार्ग पर बड़ी पुलिया के निर्माण और सड़क को ऊंचा करने की मांग की है।
इस बाबत एसडीएम जानसठ ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि गंगा और सोलानी के पानी से प्रभावित गांवों में लेखपालों की तैनात की गई है। लगातार क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। बाढ़ जैसे हालात से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे है।
बाढ़ के कारण कई मार्गों का संपर्क कटा
पुरकाजी। सोलानी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से खादर क्षेत्र के लोगों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। कई गांवों के रास्ते बंद हो गए। नाव का इंतजाम नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
खादर क्षेत्र में आए सोलानी नदी के पानी से जंगल और रास्तों में जलभराव होने से ग्राम रामनगर, अलमावाला, भदौला पांचली, शेरपुर नंगला आदि के रास्ते पूरी तरह बंद हो गए। दो दिन पूर्व ग्रामीणों की मांग पर अधिकारियों ने एक नाव का इंतजाम कराया था। नाव के खराब होने के कारण ग्रामीणों को इसका फायदा नहीं मिल सका।
ग्राम रामनगर के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक शादी होने के कारण शनिवार को कुछ मेहमान आए थे, मगर रास्ता बंद होने के कारण वह गांव तक नहीं पहुंच सके। संबंधित लेखपाल को फोन पर नाव का इंतजाम करने को कहा गया, तो आरोप है कि उसने ग्रामीणों से दुर्व्यवहार किया।
ग्रामीणों ने एसडीएम सदर से शिकायत की। इसके बाद लेखपाल मौके पर पहुंचा और तीन घंटे इंतजार करने के बाद जर्जर नाव से ही मेहमानों को गांव तक पहुंचाया। इस संबंध में एसडीएम सदर शीतल प्रसाद गुप्ता का कहना है कि नाव में छेद होने के कारण स्वामी नाव चलाने से डर रहा था। बाद में उसी नाव से ग्रामीणों को गांव तक पहुंचवाया गया है।