घर, घेर और दुकानों के बैनामों में हुई बढ़ोतरी
मुजफ्फरनगर। आम-आदमी से जुड़े छोटे घर, प्लाट, घेर के लिए जगह और ग्रामीण अंचल की दुकानों के बैनामे जुलाई माह में बढे़ हैं। कोरोना काल में बीमारी के खतरे को भांपते हुए वे सभी लोग जिनके सौदे तय हो चुके हैं सीधे बैनामा करा रहे हैं। गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष के जुलाई माह में जनपद में 690 बैनामे अधिक हुए हैं। अगस्त में भी संख्या बढ़ने की संभावना है।
कोरोना काल में विश्वास की डोर टूटती नजर आ रही है। जिन गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों अपनी जमा पूंजी एकत्र कर छोटी-छोटी जमीनों के इकरारनामे करा रखे हैं वह तेजी के साथ बैनामे करा रहे हैं। सबसे ज्यादा बैनामे 100 गज या इससे कम के प्लाट, गांवों में एक बीघा से लेकर पांच बीघा तक की जमीन, घेर के लिए प्लाट आदि के बैनामों में तेजी के साथ बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2019 में जुलाई माह में जनपद की सभी तहसीलों में 2380 लोगों ने जमीनों के बैनामे कराए थे। लॉकडाउन के बाद कोरोना के चलते अप्रैल, मई, जून माह में जहां बहुत कम रजिस्ट्री हुई, वहीं जुलाई माह में रिकार्ड टूट गया। इस बार जुलाई माह में 3070 जमीनों के बैनामे हुए हैं। जनपद में इस एक महीने में 690 अधिक बैनामें हुए हैं। दस्तावेज लेखक संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी का कहना है कि जिन लोगों के पुराने एग्रीमेंट है, वह बैनामा कराकर अपने मन को तसल्ली दे रहे हैं। आम आदमी को अपने सौदे के फिसलने का भी डर रहता है। छोटे प्लाट खरीदने वाले गरीब लोग जीवन की जमा पूंजी इसमें लगा देते हैं, वह किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। अगस्त माह में भी बैनामों के बढ़ने की संभावना है। एआईजी स्टांप पुनीत कुमार का कहना है कि आम आदमी ने छोटी जमीनों के और छोटी रकम वाले अधिक बैनामा कराए हैं। हालांकि राजस्व गत वर्ष कम प्राप्त हुआ है।