लॉकडाउन में मंडी में बढ़ी गुड़ की आवक
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में गुड़ मंडी में गुड़ की आवक बढ़ गई है। ट्रेनों और बसों के बंद होने से गुड़ का अवैध कारोबार पर बंद हो गया है। इससे सरकार को प्रतिदिन लाखों के राजस्व का लाभ हो रहा है।
जिले में गुड़ माफिया और मंडी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से गुड़ का अवैध कारोबार चल रहा था। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। गुड़ व्यापारियों को मंडी परिषद के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठना पड़ा था।
देश में कोरोना की बीमारी फैली तो यातायात व्यवस्था पूरी तरह बंद हो गया। सरकार ने गुड़ के उत्पादन और बिक्री को रोक से मुक्त रखा। मंडी में जहां आठ से लेकर दस हजार गुड़ के कट्टे ही प्रतिदिन आ रहे थे, लॉकडाउन होते ही यह 18 हजार तक पहुंच गए हैं। इसका कारण गुड़ माफियाओं द्वारा अवैा तरीके से गुड़ नहीं भेज पाना है। न ही राजस्थान और गुजरात से नकद पैसे लाने का कोई माध्यम उनके पास है। ट्रेन और बस बंद होने से उनका यह सिलसिला भी टूट गया है। गुड़-खांडसारी मर्चेंट्स एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि मंडी में आवक बढ़ना जिले में चल रहे गुड़ के अवैध कारोबार का सीधा सबूत है। हालांकि गन्ने के दाम बढ़ने और गेहूं की कटाई शुरू हो जाने से गुड़ का उत्पादन अब प्रभावित होने लगा है। कोल्हुओं को जो गन्ना 200 से 220 तक मिल रहा था वह अब 250 से 270 तक पहुंच गया है।