मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अपात्रों की छटनी का अभियान पूरे जिले में प्रारंभ हो गया है। ग्राम पंचायतों में खुली बैठक के माध्यम से सोशल ऑडिट में अपात्रों को चिन्हित किया जाएगा। कृषि विभाग के साथ अन्य विभागों के कर्मचारियों की टीम इस कार्य में लगाई गई है। प्रत्येक गांव में अपात्रों की सूची 30 जून को चस्पा की जाएगी।
केंद्र सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पीएम किसान सम्मान निधि के अपात्रों को चिन्हित करने का अभियान प्रारंभ कर दिया है। अपात्रों की छटनी को प्रत्येक गांव में ग्राम सभा की खुली बैठक होगी। खुली बैठक में उन सभी किसानों के नाम बोलकर सुनाए जाएंगे जो सम्मान निधि पा रहे हैं। ऐसे परिवार जिनमें पति-पत्नी दोनो सम्मान निधि पा रहे है, इनमें से अब एक ही इस सम्मान निधि का हकदार होगा। इस बार सोशल ऑडिट में ग्राम प्रधान, बीडीसी को भी अपात्रों की सूची में डाला जाएगा। उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी ने बताया कि पूरे जिले में अभियान प्रारंभ हो गया है। 30 जून तक सभी अपात्रों की सूची तैयार हो जाएगी। ग्राम पंचायत में उस गांव के समस्त अपात्रों की सूची चस्पा भी होगी।
ये होंगे किसान सम्मान निधि के अपात्र
किसान सम्मान निधि के अपात्रों में वे सभी लोग आएंगे जिनको दस हजार से ऊपर की पेंशन मिल रही है। पति-पत्नी में से केवल एक को ही किसान सम्मान निधि मिल सकती है। जिन परिवारों में दोनो को मिल रही है उनमें एक अपात्र होगा। सरकारी नौकरी पाने वालों में पति-पत्नी दोनो को अपात्र माना गया है। बालिग बेटे का परिवार अलग माना जाएगा। संवैधानिक पद पर निर्वाचित सभी लोग अपात्र की श्रेणी में आएंगे। इनमें प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य, विधायक, सांसद, चेयरमैन, सभासद शामिल है। ग्राम पंचायत सदस्य को लाभ मिल सकता है।
बड़े स्तर पर चल रही जांच
सीडीओ आलोक यादव का कहना है कि जो पात्र किसान है उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। जो अपात्र है, सोशल ऑडिट में वह सामने आ जाएंगे। अपात्रों को योजना से बाहर निकाला जाएगा। 30 जून को प्रत्येक गांव के अपात्रों की सूची प्रकाशित होगी।