नगर के सरवट स्थित तालाब पर हुआ अतिक्रमण।
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मुजफ्फरनगर। शहर के बसंत विहार के सरोवर को अमृत जैसे पानी का इंतजार है। तालाब के जीर्णोद्धार के शिलान्यास को 11 माह हो चुके हैं, लेकिन यहां एक ईंट तक नहीं लगी है। शिलान्यास राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने किया था। तालाब इस समय पानी को तरस रहा है।
शहर की प्रमुख कालोनी साकेत, बसंत विहार और सरवट से जुड़ा शहर का एक मात्र तालाब है, जिसे लोग अमृत सरोवर में शामिल कराना चाहते हैं। इस तालाब को लेकर क्षेत्र के लोग लगातार आवाज उठाते रहे हैं। तालाब की स्थिति यह है कि इसके चारो तरफ अतिक्रमण है। तालाब में घास खड़ा है और एक बूंद भी पानी नहीं है। एक हिस्से पर कुछ लोगों ने झोपड़ी बना ली है। इस तालाब के जीर्णोद्धार के लिए 11 माह पूर्व प्रदेश के राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने शिलान्यास किया था। तालाब की खोदाई और सुंदरीकरण का कार्य होना था। बड़ी बात यह है कि एमडीए के द्वारा लगभग एक करोड़ का टेंडर छोड़ देने के बाद भी आज तक काम शुरू नहीं हो पाया है। राज्य मंत्री ने भी शिलान्यास कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। एमडीए के अफसर भी उदासीन बने हैं।
तालाब में गंदे पानी की समस्या
तालाब के टेंडर लेने वाले ठेकेदार मनीष कुमार का कहना है कि उनके सामने कुछ विभागीय समस्या है। कुछ तालाब में गंदा पानी आने की है। यही कारण है कि अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
अफसरों से बात करता हूं : कपिल
प्रदेश के राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि तालाब में कुछ समस्या आ रही थी, एमडीए के अफसरों से बात करता हूं। जीर्णोद्धार का कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।
कार्य को लेकर दो समस्या हैं : महेंद्र
विकास प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद का कहना है कि तालाब में कार्य को लेकर दो समस्या है। एक तो तालाब के कुछ हिस्से पर अवैध कब्जे हैं। दूसरे यहां आने वाले गंदे पानी के लिए अलग से नाला बनना है। दोनो काम पालिका को कराने हैं। हम कई पत्र लिख चुके है। तालाब का क्षेत्रफल राजस्व अभिलेखों में आठ हजार स्क्वायर मीटर दर्ज है, लेकिन मौके पर जमीन कम है।