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कोई घर लौट आया तो किसी के आने की उम्मीद बढ़ी

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छात्रा दिव्यांसी बालियान। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। यूक्रेन में विकट होते हालातों के बीच जिले के छात्र-छात्राओं के वापस लौटने का सिलसिला जारी है। बुधवार को पांच छात्र अपने घर लौट गए, जबकि संकट में फंसे छात्र-छात्राएं भी सुरक्षित ठिकानों की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही इनकी घर वापसी की उम्मीद भी बढ़ गई है। घर लौटे छात्रों के परिजन खुश है।
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भारतीय छात्र नवीन की मौत के बाद परिजनों की चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन हौसला नहीं टूटा है। शहर के देवपुरम निवासी प्रदीप बालियान ने बताया कि उनकी बेटी दिव्यांशी बालियान खारकीव शहर में मुश्किल हालात में फंसी हुई थी, लेकिन किसी तरह बुधवार को वह लबीब के लिए ट्रेन में सवार हो गई है। उसके साथ अन्य छात्राएं भी हैं, जिनके सकुशल वापसी की उम्मीद है।
घर लौट आया मांडी का विश्वास
भोपा। सहकारी चीनी मिल मोरना में कार्यरत गांव मांडी निवासी भगत सिंह का बेटा विश्वास चौधरी 2017 से यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। जैसे ही विश्वास बुधवार सुबह मोरना चीनी मिल स्थित अपने घर पहुंचा तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नही रहा। छात्र ने बताया कि वह प्राइवेट रूम में अपने चार भारतीय छात्रों के साथ रह रहा था। इवानो से किराए की बस कर रोमानिया बार्डर पहुंचे वहां पर रोमानिया सरकार व ट्रस्ट के लोगों ने उनकी मदद की। खाना व कंबल समेत अन्य सामान भी दिया गया। घर पहुंचने पर बाबा सेवानिवृत्त शिक्षक सोहनपाल चौधरी, पिता भगत सिंह, माता कुसुम लता और बहन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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घर लौटा वैभव, प्रफुल्लित हुए परिजन
चरथावल। दिल्ली एयरपोर्ट से कस्बे का वैभव त्यागी रात एक बजे घर वापस आया को परिजन प्रफुल्लित हो गए। वैभव की वापसी के बाद दादी बेगवती और पिता ललित खुश है। मंगलवार रात को एक बजे बेटा लौटा तो घर में खुशियां बिखर गई। वैभव ने बताया यूक्रेन में उजोहोरद शहर में स्थिति काफी ठीक है। लेकिन वहां के कीव और खारकीव में नाजुक हालत है। बुधवार शाम को पिता की दुकान पर मौजूद वैभव से उसके दोस्त दीपक आदि पहुंचे और गले मिलकर बधाई दी।
रोमानिया पहुंच गया विशाल
पुरकाजी। क्षेत्र के गांव रेता नंगला निवासी चरण सिंह का पुत्र विशाल कुलवारिया डेनिपरो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया था। युद्ध शुरू हो जाने पर पिछले करीब एक सप्ताह से हॉस्टल में ही फंसा हुआ था, लेकिन मंगलवार को बस से 900 किलोमीटर का सफर तय कर बुधवार शाम करीब पांच बजे रोमानिया बार्डर पर पहुंच गया है।
सरकार का जताया आभार, घर लौट आया लाड़ला
शाहपुर। गांव बसी कला निवासी हाजी उस्मान का पुत्र मौ0 अबुजर यूक्रेन की राजधानी कीव में फंस गया था। जहां उसने भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क किया और तीन दिन रुकने के बाद वह अपने कॉलेज उजारोहोद यूनिवर्सिटी में वापस आ गया । छात्र ने बताया कि वह कॉलेज की बस द्वारा 50 डॉलर किराया देकर हंगरी पहुंचा । हंगरी पहुंचने के बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों द्वारा की गई व्यवस्था से छात्रों को कोई परेशानी नहीं आई। प्रदेश सरकार ने अपने वाहन से गांव बसी कलां तक पहुंचाया । अबुजर के पिता हाजी उस्मान में यूक्रेन से उनके पुत्र को सकुशल वतन वापसी के लिए सरकार का शुक्रिया अदा किया है ।
लौट आया अनस चौधरी
शाहपुर। गांव सोरम के पूर्व प्रधान तनवीर चौधरी का पुत्र अनस चौधरी भी स्वदेश लौट चुका है । दिल्ली में उसके पिता ने यूपी भवन से अपने साथ ले लिया है । गांव कसेरवा निवासी उम्मीद अली ने बताया कि उनका पुत्र हसन चौधरी पोलैंड में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में है । उनके पुत्र को कोई समस्या नही है।

वतन वापसी के बाद चरथावल स्थित घर पर दादी और माता-पिता के साथ वैभव त्यागी- फोटो : MUZAFFARNAGAR

भोपा निवासी एमबीबीएस की छात्रा महिमा राठी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

गांव बसीकलां में स्वदेश से लौटा छात्र अबुजर अपने परिजनों व ग्रामीणों के साथ ।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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