मुजफ्फरनगर। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों ने महावीर चौक पर धरना देकर सामूहिक रुप से भिक्षा मांग कर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने यूपी बोर्ड का मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रखा। साथ ही चौराहे पर नारेबाजी कर प्रदेश सरकार पर उत्पीड़न किए जाने के आरोप लगाए। इस दौरान शिक्षकों का यह कार्य देखकर नागरिक भी चकित रहे।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की जिलाध्यक्ष स्नेहलता मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षकों ने महावीर चौक पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। शिक्षक अपनी लंबित मांगों को लेकर यहां पर धरने दिया। शिक्षकों ने कहा कि तत्कालीन प्रदेश सरकार ने उन्हें शिक्षण कार्य का मानदेय दिया था, लेकिन योगी सरकार ने इसे बंद कर दिया। भाजपा सरकार वित्तविहीन शिक्षकों का शोषण कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक पिछले करीब 30 वर्षों से सरकारों की ओर से भेदभाव का शिकार बने हुए हैं। आज शिक्षा बांटने वाले भुखमरी के कगार पर हैं।
इसको लेकर शिक्षकों ने सोमवार को शहर में भिक्षा मांगकर विरोध जताया। शिक्षकों के इस कार्य को देखकर नागरिक भी हैरान रहे। शिक्षकों ने नारेबाजी कर समान कार्य समान वेतन की नीति लागू करने की मांग की है।
इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से शामिल होने वालों में स्नेहलता मिश्रा, मासूम त्यागी, ऋषिपाल सिंह, तिरसपाल पुंडीर, देवेंद्र कुमार, नवीन त्यागी, निर्वेश कुमार सिंह, ईश कुमार, अनुज मित्तल के अलावा सुमन लता, कौशर जहां, जयवंती और विजय लक्ष्मी आदि मौजूद रहे।