बृहस्पतिवार की रात आए तूफान और बारिश ने क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। गांव दूधली में मकान ढहने से चौकीदार की मौत हो गई। गांव मोहम्मदपुर माफी में बिजली गिरने से मकान की छत व दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। उधर, बिजली के तार टूटने से रातभर कई गांवों की आपूर्ति ठप रही। फसलों को भी भारी नुकसान बताया गया है। उधर, एसडीएम ने नुकसान का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
बृहस्पतिवार की शाम से ही तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई थी। गांव दूधली में आचार्य पवनवीर गुरुकुल का निर्माण करा रहे है। इसके एक कमरे में मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ निवासी 60 वर्षीय सतबीर पुत्र महावीर चौकीदार के रूप में रह रहा था। तूफान व बारिश में मकान की सीमेंट की शेड उड़ गई और चारों दीवार भी ढह गई।
इसके नीचे दबने से चौकीदार की मौत हो गई। रातभर शव मलबे में ही दबा रहा। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने मलबा हटाकर शव निकला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गंगनहर कांवड़ मार्ग पटरी के काफी संख्या में पेड़ गिर गए। तूफान व बारिश से किसानों की गन्ने और सरसों की फसल बर्बाद हो गई। एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने शुक्रवार की सुबह मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया।
उधर, रतनपुरी के गांव मोहम्मदपुर माफी में बृहस्पतिवार की रात को अब्दुल रजी के मकान पर बिजली गिर गई। इससे मकान की छत व दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। रतनपुरी के गांव बड़सू रजबाहे के पास देर रात को वैगनआर कार तूफान में गिरे पेड़ से टकरा गई। कार सवार अमित पुत्र ओमपाल निवासी गांव बंशीपुरा, थाना दौराला, मेरठ घायल हो गया। इसके अलावा खतौली-बुढ़ाना मार्ग पर कई जगह यूकेलिप्टस के पेड़ गिर गए।
इससे यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने पेड़ों को कटवाकर यातायात सुचारु कराया। गांव फुलत में सरवर चेयरमैन की डेयरी का टिन शेड तूफान में उड़ गया और डेयरी की दीवार भी गिर गई। इदरीश के मकान की बाउंड्री वाल गिर गई और घर में खड़ा पुराना नीम का पेड़ भी उखड़ गया। आम और लीची के बागों में भी पेड़ जड़ से उखड़ गए। फुलत मदरसे का गेट और दीवार भरभराकर गिर गई। इनके अलावा प्राचीन मंदिर की दीवार भी बारिश और तूफान के कारण गिरी।
तालाब के पास खंभों के उखड़ने से उस पर रखा ट्रांसफार्मर भी तालाब में जा गिरा। मौलाना राजी के बाग में काफी पेड़ उखड़ गए। बाजार वाली मस्जिद का टिन शेड तेज हवा में गिर गया। सऊद के मकान की बाहरी दीवार भी गिरी। गांव रायपुर नंगली, सठेड़ी, लोहडड, चंदसीना आदि में तेज बारिश और तूफान से गन्नें और सरसों की फसल तहस नहस हो गई है।
इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। बिजली के तार टूटने से दर्जनों गांवों की रातभर बिजली ठप रही। शुक्रवार को दो बजे के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। मंसूरपुर मेें नावला रोड पर कई पेड़ जड़ से उखड़ गए। इससे यातायात भी बाधित रहा। ग्रामीण अश्वनी त्यागी ने बताया कि तूफान में गांव में रखा ट्रांसफार्मर भी नीचे गिर गया। जिससे विद्युत आपूर्ति रातभर ठप रही।