भोपा क्षेत्र के जंगल में मिले बारहसिंघा के अवशेष।
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भोपा के वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र में बारहसिंघे के शिकार और शव पड़े होने की सूचना से पुलिस और वन विभाग में हड़कंप मच गया। दोनों विभागों की टीमों ने घंटों तक सेंचुरी क्षेत्र में वन्य जीव के शव की तलाश की, लेकिन चंद अवशेष व बारहसिंघे की एक खोपड़ी के अलावा कुछ नहीं मिला। मामले की जांच की जा रही है।
हस्तिनापुर वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र में शामिल भोपा क्षेत्र में सोलानी नदी के किनारे स्थित गांव फरीदपुर के जंगल में मंगलवार को वन्य जीवों का बड़े पैमाने पर शिकार किए जाने व मौके पर कई बारहसिंघों के शव पड़े होने की सूचना से पुलिस और वन विभाग में हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर एमएस गिल के निर्देश पर एसआई लेखराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस के साथ ही वन विभाग की भी टीम मौके पर पहुंची और घंटों जंगलों में वन्य जीवों के शिकारियों की तलाश की।
इस दौरान एक स्थान से एक बारहसिंघे की खोपड़ी व चंद अवशेष पड़े मिले। एक-दो सड़ी गली खालें भी बरामद हुईं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। आशंका जताई जा रही है कि शिकारियों द्वारा पुलिस टीम पहुंचने से पहले ही मौके से वन्य जीवों के शवों को गायब कर दिया गया।
पुलिस टीम ने सोलानी नदी में भी शवों की तलाश की, लेकिन कुछ नहीं मिला। वन क्षेत्राधिकारी सिंहराज सिंह पुंडीर ने बताया कि वन्य जीवों के शवों की तलाश के लिए अभियान चलाया गया था, लेकिन किसी भी प्रतिबंधित पशु का शव नहीं मिला हैं। टीम को जांच-पड़ताल के लिए लगा दिया गया है। कुछ भी सुराग मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।