- जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम न आने पर जताई नाराजगी, भड़के रालोद नेता
- कलक्ट्रेट में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के खिलाफ रात भर भूख हड़ताल पर बैठे रहे छात्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की ओर से बढ़ाई गई परीक्षा फीस के विरोध में छात्र-छात्राओं का धरना और भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। भूखे रहने से कुछ छात्रों की हालत भी बिगड़ गई। जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंचने पर छात्र-छात्राओं ने नाराजगी जताई। उधर, रालोद नेता भी भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी बच्चे को दिक्कत आई तो प्रशासन जिम्मेदार होगा।
कलक्ट्रेट में लोकदल छात्र सभा के तत्वावधान में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। धरना स्थल पर ही रात बिताने के बाद भूखे रहकर छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है, तब तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी। उधर, कुछ छात्रों की भी भूखे रहने से हालत बिगड़ गई। जिससे नाराज रालोद के प्रदेश संगठन महासचिव अजीत राठी ने कहा कि अगर किसी भी बच्चे को दिक्कत आती है, तो अधिकारी जिम्मेदार होंगे। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को काम नहीं करने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को पता है कि यहां पर छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे है, तो क्या इनकी सुबह और शाम जांच नहीं होनी चाहिए। अभी तक विवि ने कोई भी फैसला नहीं किया है, जो काफी शर्मनाक है। जो बच्चे विद्यालयों में पढ़ने जाते हैं आज वह धरने पर बैठने को मजबूर है। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद रालोद छात्र सभा के नेताओं ने डीएम से मुलाकात की। इस संबंध में डीएम ने सात दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
इस दौरान छात्र नेता सार्थक लाटियान, सुधीर भारतीय, छात्रा भारती, पलक, कशक, रिति चौहान, काजल ठाकुर, मनीषा, विधि, इशु, संध्या, अजय प्रजापति, ध्रुव राठी, भाव्यांश तोमर, काजी फैज, आशु बालियान, मयंक, नवदीप बालियान, उज्जवल, अनस, अभिषेक सिंह आदि मौजूद रहे।
इन छात्रों की बिगड़ी हालत
अपनी मांगों को लेकर रातभर धरनास्थल पर ही डटे रहे कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। छात्र नेता सार्थक लाटियान, बीए के छात्र भाव्यांश तोमर और आशु को सुबह से ही चक्कर और पेट में दर्द होने लगा। जिसके बाद रालोद नेता सुधीर भारतीय ने सीएमओ को मेडिकल टीम भेजने की बात कही। आरोप है कि बच्चों की जांच के लिए कोई भी चिकित्सक या मेडिकल टीम नहीं पहुंची। दो एंबुलेंस कर्मी आए और उन्हें अस्पताल में ले जाने की बात करने लगे। इस पर छात्र-छात्राओं ने नाराजगी जताई। छात्र भाव्यांश ने कहा कि चाहे जितनी तबीयत बिगड़ जाए, लेकिन जब तक समाधान नहीं होता है, वह कुछ भी नहीं खाएंगे। इसके बाद दोनों एंबुलेंस कर्मी लौट गए।
दूसरी रात भी धरने पर डटे रहे छात्र
विवि की मनमानी के खिलाफ छात्र दूसरी रात भी धरनास्थल पर ही डटे रहे। रातभर भूख हड़ताल पर रहने वाले छात्रों में सार्थक लाटियान, छात्र अजय प्रजापति, काजी फैज, भाव्यांश तोमर, ध्रुव राठी, उज्जवल, मुकुल, आशु, अभिषेक सिंह, अनस, रक्षित, नवदीप बालियान, मोहित पुंडीर, मयंक बालियान शामिल रहे। सभी ने मांगों को दोहराया।
क्रांति सेना ने नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
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मुजफ्फरनगर। विवि की ओर से फीस वृद्धि के विरोध में क्रांति सेना ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि बच्चों की फीस में लगातार वृद्घि की जा रही है।
कहा कि विवि कार्य समिति को आदेशित कर तत्काल प्रभाव से फीस वृद्धि निरस्त करें। निजी विद्यालयों और कॉलेजों में भी फीस जमा न होने के कारण बच्चों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाता है, ऐसे में विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाए। निजी स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पाठ्यक्रम व सुविधा मुहैया कराई जाए। अधिक से अधिक खेल के मैदान, स्टेडियम का निर्माण कराया जाए।
सरकारी पदों पर होने वाली नियुक्तियों के लिए ली जाने वाली फीस, परीक्षा निरस्त होने पर वापस की जाए। परीक्षा केंद्रों पर जाने वाले बच्चों और अभ्यर्थियों को परीक्षा के दिन ट्रेन व बस का किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, मंडल अध्यक्ष शरद कपूर, मंडल अध्यक्ष चौधरी शक्ति सिंह, आलोक अग्रवाल, अमित गुप्ता, देवेंद्र चौहान, जितेंद्र गोस्वामी मौजूद रहे।