जिले में 1038 जगह होगा होलिका दहन
मुजफ्फरनगर। होलिका दहन का पर्व आज धूमधाम से मनाया जाएगा। त्योहार को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बाजार से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक चाक-चौबंद है। सुबह होलिका पूजन और शाम को दहन होगा। नगर में 154 सहित जिले भर में 1038 स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा।
होलिका दहन स्थलों पर होलिकाएं रख दी गई हैं। पंडित अरुण मिश्रा ने बताया कि होलिका पूजन का समय सुबह दस बजे से शुरू होगा, लेकिन शुभ मुहूर्त 11.30 बजे से 12.30 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि होलिका दहन का सही समय 7.30 बजे से 8.50 बजे तक है। नगर में 154 स्थानों पर होलिका रखी गई है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर गत 20 दिसंबर को शहर क्षेत्र में बवाल हो चुका है। इसे देखते हुए होलिकोत्सव को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शहर क्षेत्र में शहर कोतवाली, नई मंडी और सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कुल 154 स्थानों पर नौ मार्च को होलिका दहन किया जाना है, जिनमें से मिश्रित आबादी वाले 29 दहन स्थलों को संवेदनशील मानकर वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मिश्रित आबादी वाले स्थलों पर बेरिकेडिंग लगाने की तैयारियां की जा रही हैं। होलिका दहन स्थलों पर स्थानीय फोर्स के साथ ही पांच कंपनी पीएसी और रिजर्व पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि नौ व दस मार्च को होलिकोत्सव के लिए सभी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। शहर के साथ ही देहात क्षेत्र में भी पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ ही पांच कंपनी पीएसी व रिजर्व पुलिस फोर्स को भी तैनात किया जा रहा है। कलस्टर मोबाइल के साथ ही अमन समितियां गठित की गई हैं। पुलिस कंट्रोल रूम को भी मजबूत किया गया है।
प्रत्येक चार गांवों के लिए कलस्टर मोबाइल
मुजफ्फरनगर। नौ व दस मार्च को देहात क्षेत्र के प्रत्येक चार गांवों के लिए कलस्टर मोबाइल तैनात की जाएंगी। ये कलस्टर मोबाइल थाना मोबाइल व चीता से अलग रहेंगी। कहीं से भी कोई अप्रिय सूचना मिलने की स्थिति में कलस्टर मोबाइल तत्काल आला अफसरों को इससे अवगत कराएंगी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के सहयोग के लिए वालंटियर भी बनाए जाएंगे।
रंग खेलते समय आंखों ध्यान रखें
मुजफ्फरनगर। होली खेलते हुए आंखों का ख्याल रखें। केमिकल युक्त रंगों से होली न रखें। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. स्वाति अग्रवाल ने बताया कि होली खेलने से पहले चेहरे पर फेस क्रीम का मोटा लेप लगा लें। आंखों के आसपास बादाम या नारियल का तेल लगाएं, ताकि सूखा रंग उड़कर आंखों में न जाए। सिर को स्कार्फ या कैप से ढककर रखें। किसी की आंखों में रंग न फेंके। चश्मे या सन ग्लास का प्रयोग करें। कांटेक्ट लैंस न लगाएं। गाड़ी चलाते समय खिड़कियों के शीशे बंद रखें ताकि रंगों के गुब्बारों से बचा जा सके। आंखों में रंग जाने पर उन्हें मसलें नहीं। जलन होने पर ल्यूब्रिकेटिंग आई ड्राप डालें। ज्यादा परेशानी होने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।