मुजफ्फरनगर। जिलेभर में जगह-जगह होलिका पूजन श्रद्धा के साथ किया गया। महिलाओं ने होलिका स्थलों पर परिवार के साथ पहुंचकर पारंपरिक रीति रिवाज से पूजा-अर्चना कर मंगलकामना की। पूजन स्थलों पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की कतारें लगी रहीं। देर रात तक शहर के मोहल्ले और कॉलोनियां पूजा अर्चना से गूंजते रहे। कई जगह मेलों का आयोजन भी किया गया। देर रात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया।
शहर की गांधी कॉलोनी, प्रेमपुरी, कृष्णापुरी, साकेत, गांधीनगर, लक्ष्मण विहार, अग्रसेन विहार, आनंदपुरी, नई मंडी समेत कई स्थानों पर होलिका पूजन और दहन किया गया। पंडितों ने मंत्रोच्चार के पूजा-अर्चना कराई। श्रद्धालुओं ने रोली, अक्षत, नारियल, गेहूं की बालियां और सूत अर्पित कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। कई स्थानों पर महिलाओं ने पारंपरिक होली गीत गाकर त्योहार की रंगत बिखेरी।
आज चंद्रग्रहण...चार मार्च को दुल्हैंड़ी : गांधीनगर स्थित श्री श्यामाश्याम मंदिर के महंत पंडित हंसराज भारद्वाज ने बताया कि शास्त्रनुसार होलिका दहन के अगले दिन रंगभरी होली खेली जाती है। इस बार तीन मार्च को चंद्रग्रहण के कारण कारण होली नहीं खेली जा सकती है। चंद्रग्रहण तीन मार्च को दोपहर तीन बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम छह बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जो कि भारत में भी दृश्यमान होगा।
इसी वजह से चार मार्च को रंगभरी होली खेली जाएगी। तीन मार्च को चंद्रग्रहण के सूतक काल के कारण मंदिरों के कपाट सुबह छह बजे बंद हो जाएंगे और रात में 09 बजे खुलेंगे। मंगला आरती सूतक काल लगने से पहले सुबह पांच बजे और शयन आरती रात को 9.30 बजे होगी।
रतनपुरी में होलिका दहन : संवाद