भैय्या दूज पर्व पर बसों और ट्रेनों में भारी भीड़ रही। रोडवेज बस कम पड़ने पर यात्री भटकते रहे। देहात में डग्गामार वाहनों की भी खूब चांदी रही। भीड़ के कारण यात्री जान जोखिम में डालकर बसों के अलावा डग्गामार वाहनों की छतों पर भी सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
परिवहन निगम के लिए अच्छी आय को भैया दूज पर्व बहुत अहम माना जाता है। इसलिए रोडवेज ने भैय्या दूज पर्व पर पहले से तैयारी कर रखी थी। मुजफ्फरनगर डिपो के बेंडे़ की सभी 185 बसों को विभिन्न मार्गों पर चलाया गया, जिनमें निगम की 112 और अनुबंधित 73 बसों का संचालन किया। बावजूद इसके भारी संख्या में यात्रियों के कारण ये बसें भी कम पड़ी।
हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए काठगोदाम, बरेली, हाथरस, खटीमा आदि रूट की बसों को निरस्त कर उन्हें लोकल में लगाया था, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। इसके बावजूद यात्री वाहनों के लिए भटकते रहे। डिपो से ही बसें फुल होकर चली, जिससे रास्ते में खड़े यात्रियों को बस में सवार होने में परेशानी हुई।
डीवीआर इंचार्ज अनुज त्यागी के अनुसार हरिद्वार, रुड़की मार्ग पर अधिक यात्री निकले, जिस कारण इस मार्ग पर बसों का संचालन डेढ़ गुणा बढ़ाया गया। दिल्ली, देहरादून, शामली, बड़ौत, बुढ़ाना, कांधला, बिजनौर मार्गों पर भी यात्रियों की भारी भीड़ रही। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि पर्व पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए रामपुर तिराहा, राना चौक, बरला, पुरकाजी, मंसूरपुर में रोडवेज कर्मचारियों को तैनात किया था,
ताकि पीछे से आ रही बसों में यात्रियों को सवार कराया जा सके। उधर, पर्व पर ट्रेनों में भी भारी भीड़ रही। मेरठ-अंबाला पैसेंजर, निजामुद्दीन-अंबाला, शालीमार एक्सप्रेस, दिल्ली-अंबाला इंटरसिटी, ऋषिकेश- दिल्ली पैसेंजर, कालका पैसेंजर, सुपर फास्ट आदि ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ रही। दूसरी ओर, देहात के सम्पर्क मार्गो पर बसों का टोटा रहने से डग्गामार वाहन संचालकों ने खूब कमाई की। भोपा, बुढ़ाना, शाहपुर, रोहाना आदि मार्गो पर जीप, टाटा मैक्स आदि डग्गामार वाहनों की छतों पर भी यात्री सवार होकर गंतव्य तक पहुंचे।