मुजफ्फरनगर। उमस और चिलचिलाती धूप त्वचा को झुलसा रही है। गर्मी के कारण शरीर पर एलर्जी और दाद, खाज खुजली की समस्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 200 मरीज परामर्श लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
गर्मी के साथ ही शरीर पर एलर्जी, फंगल इंफेक्शन जैसी समस्या बढ़ गई है। तेज धूप और गर्मी की तपिश में पसीना फंगल इंफेक्शन का बड़ा कारण बनता है। चिकित्सकों का कहना है कि पसीना आने पर खारिश होती है, जिसकी वजह से जगह-जगह हाथ लगने पर फंगल इंफेक्शन होता है।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में त्वचा का कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है, बावजूद इसके रोजाना 200 से अधिक मरीज उपचार कराते हैं। प्रभारी सीएमएस डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि स्विमिंग पूल और रजबहे में भी बच्चे नहाने जाते हैं, इस कारण भी त्वचा की समस्या बढ़ी है।उन्होंने कहा कि स्विमिंग पूल, रजबहा, नदी आदि में नहाने से एलर्जी होती है, क्योंकि एक साथ कई सारे बच्चे नहाते है, ऐसे में स्विमिंग पूल, रजबहा और नदी का पानी भी दूषित हो जाता है। जिस कारण एलर्जी, खाज-खुजली होने लगती है।
डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि बीमारियों से बचने के लिए लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। गर्मी के मौसम में तेज धूप से बचकर रहना चाहिए। इसी के साथ अपने स्वास्थ्य को बिलकुल ठीक रखने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें।