मुजफ्फरनगर में हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मी।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मियों ने अपनी मांगें पूरी न होने पर हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रखी। हड़ताल पर डटे कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगें पूरी न होने तक धरना समाप्त नहीं करेंगे। इस दौरान सैकड़ों संविदा कर्मचारियों ने अपने-अपने अधिकार के लिए जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारियों की हड़ताल से मुजफ्फरनगर जिले में कोविड टीकाकरण सहित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
'जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा'
आशा संगठन की जिलाध्यक्ष निर्मला ने कहा कि प्रदेश सरकार को इस बार सभी आशा बहनों एवं संविदा कर्मचारियों के बारे में अपनी सोच बदलनी होगी। उनको सम्मानजनक वेतन और उनकी मांगों को मानना चाहिए। उन्होंने समस्त कर्मचारियों से प्रतिदिन धरने में शामिल होने का आह्वान किया। जिला कोषाध्यक्ष डॉ. फैसल सिद्दीकी ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने सभी संविदा कर्मचारियों से धरना सफल बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
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जिले में एक हजार से अधिक हैं संविदा कर्मचारी
डॉ. सुदेश वर्मा ने कहा कि जनपद में एक हजार से अधिक संविदा कर्मचारी हैं, जो कि बेहद कम वेतन पर अपनी सेवाएं स्वास्थ्य विभाग में दे रहे हैं। जनपद सहित अन्य जिलों में यह कार्य बहिष्कार हड़ताल चल रही है। इस मौके पर डॉ. सचिन जैन, रजनी एएनएम, डॉ संजीव सैनी, डॉ. राहुल, मणिकांत त्यागी, मोहित कुमार, एहतेशाम खान, डॉ. प्रवीण, डॉ. निशा, संदीप धीमान, शमीना नाज खान, याकूब, संतोष, दिनेश कुमार, सपना, नीतू, अनिल, अजय, लोकेश मौजूद रहे।
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