कमजोरी से आती है प्लेटलेट्स में कमी
सीएमओ ने ग्रामीणों से कहा कि प्लेटलेट्स गिरना डेंगू का प्रमाण नहीं होता है। अन्य बुखार में कमजोरी के कारण प्लेटलेट्स में कमी आ जाती है। टाइफाइड होने की दशा में भोजन नहीं खाना चाहिए। चिकित्सकों की सलाह से फल व जूस आदि का सेवन करें।
यह भी बरतें सावधानी
पानी उबालकर पिएं। घर के कूलर व फ्रिज को साफ रखें। पूरी बाजू की शर्ट पहने। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। अपने घरों में व आस-पास पानी को इकट्ठा न होने दें।
पहले दिन 112 लोगों की जांच कराई
सीएचसी प्रभारी डॉ. अन्नू चौधरी ने बताया कि पहले दिन 112 रोगियों की जांच की गई। इनमें 32 रोगियों की डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच भी की गई है, लेकिन एक भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है।
किसी को नहीं होने देंगे परेशानी: मलिक
भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक ने कहा कि ग्रामीणों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रत्येक व्यक्ति की जांच होने तक गांव में अस्थायी अस्पताल रहेगा। डॉक्टरों से कहा गया है कि पूरी तन्यमता से रोगियों का उपचार करें।
दूधाहेड़ी में बुखार से कई लोग पीड़ित
गांव दूधाहेड़ी में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने गांव में दवाई छिड़काव की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन नेता सोहनवीरी और ग्रामीण यशपाल, अमित, देवेंद्र शुभम, अंकित, सुधा, सेंसर, लोकेंद्र, पप्पू, आनंद आदि ने बताया कि वे और उनके आस पड़ोस में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। सभी पीड़ित मेरठ, मुजफ्फरनगर तथा स्थानीय डॉक्टरों के यहां अपने इलाज करा रहे हैं।
ग्रामीण यशपाल और अमित ने बताया कि उनके परिवार को डेंगू बुखार हो गया था। उन्होंने अपना इलाज मेरठ में कराया। अब वे घर पर आराम कर रहे हैं। मंगलवार को सीएचसी खतौली के चिकित्सकों की टीम भी गांव में आकर बुखार पीड़ितों से मिली थी। उन्हें मच्छरों से बचने की सलाह दी थी। टीम ने जांच में पाया था कि गांव में लोग वायरल बुखार से पीड़ित हैं।