खतौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिवसैनिकों ने गर्भवती महिला के पैर की टूटी हड्डी का इलाज करने से इंकार करने पर हंगामा खड़ा कर दिया। शिवसैनिकों ने करीब दो घंटे तक अस्पताल में हंगामा काटा। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिले। बाद में पति अपने पत्नी का इलाज कराने के लिए प्राइवेट चिकित्सक के यहां लेकर चला गया।
नगर के मूलचंद विहार कॉलोनी विरेंद्र कुमार की पत्नी अंजू आठ माह की गर्भवती है। परिजनों के मुताबिक अंजू घर में काम करते हुए गिर गई थी, जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई। शनिवार को उसका पति अपनी पत्नी का पैर का इलाज कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा।
आरोप है कि उसने अस्पताल में महिला चिकित्सक से पत्नी के पैर का इलाज कराने के लिए कहा। महिला चिकित्सक ने उसको हड्डी रोग विशेषज्ञ से इलाज कराने का मशविरा दिया। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। इस कारण अन्य चिकित्सकों ने इलाज करने से इंकार कर दिया। विरेंद्र कुमार ने पत्नी का इलाज करने से इंकार करने की सूचना शिवसैनिकों को दी। शिवसैनिक एकत्र होकर अस्पताल में पहुंचे। इन शिवसैनिकों ने महिला का इलाज करने से इंकार करने को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। शिवसैनिकों ने करीब दो घंटे तक अस्पताल में हंगामा किया।
महिला का इलाज नहीं होने पर पति अपने प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गया। इस संबंध में महिला चिकित्सक बबीता का कहना है कि गर्भवती महिला के पैर में चोट लगी थी। उन्होंने सिर्फ हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास इलाज कराने को कहा था। सीएचसी के कार्यवाहक प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि केंद्र में तैनात हड्डी के डॉक्टर की ड्यूटी सरकार की ओर से चलाए जा रहे चिकित्सा अभियान में लगी हुई है।
इसलिए वे केंद्र में नहीं थे। इसके बावजूद भी गर्भवती महिला का ऐसी हालत में एक्सरे नहीं किए जा सकते हैं। एक्सरे कराने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर प्रभाव पड़ने से गड़बड़ हो सकती है। हंगामा करने वालों में शिवसेना के जिला सचिव देवराज प्रधान, हरेंद्र, राहुल शर्मा, अर्जुन, रवि, आकाश, मोनू, मन्नी शामिल रहे।