एक जुलाई के बाद सोना खरीदना ही नहीं, बेचना भी महंगा होगा। जीएसटी के असर से सोने में उछाल आने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इससे सराफा कारोबारियों में भी खलबली दिखाई दे रही है। पहले से ही सराफा बाजार में मंदी चल रही है। ऐसे में जीएसटी लागू होते ही बाजार में अधिक गिरावट दर्ज होना तय है।
एक जुलाई से नया कर प्रावधान लागू होने जा रहा है। जीएसटी का असर सोना के दाम पर प्रभाव डालेगा ही। साथ में ग्राहकों को गहने बनवाने में भी पसीने छूटेंगे। ग्राहकों को पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी चुकाना पड़ेगा। इसके अलावा भी घर में रखा पुराना सोना भी बेचना कठिन रहेगा।
यदि दस हजार रुपये से अधिक का सोना बनता है तो नकद के बजाए सराफा को चेक से भुगतान करना पड़ेगा। इसका हिसाब बैंक में देना होगा। इसके अलावा भी सराफा कारोबारी को मेकिंग चार्ज के रूप में तीन प्रतिशत जीएसटी चुकाना पड़ेगा। वहीं, पुराने गहने खरीदने पर भी तीन प्रतिशत रिवर्स टैक्स चुकाना पड़ेगा। इसका सीधा असर ग्राहक की जेब पर पड़ेगा।
बेटियों के हाथ पीले करने में छूटेंगे पसीने
मुजफ्फरनगर। जीएसटी लागू होने से सोने में उछाल का असर बेटियों के हाथ पीले करने में भी परेशानी का सबब बनेगा। पहले के मुकाबले अधिक धनराशि खर्च करनी होगी। वहीं, इसका सीधा असर किसानों और ग्रामीणों पर पड़ेगा। मध्य वर्ग के परिवारों को भी सोना खरीदने में दिक्कतें सामने आएंगी। बिटिया के हाथ पीले करने में मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा, जिससे स्थिति बिगड़ेगी और बाजार में गिरावट होगी।
दो से तीन प्रतिशत बढ़ सकती हैं कीमतें
मुजफ्फरनगर। जीएसटी लागू होने के बाद सराफ को एक-एक बिंदु का रिकार्ड रखना पड़ेगा। दस हजार रुपये तक का नगद कार्य होगा। हालांकि इसका और इससे अधिक का रोजाना रजिस्टर मेंटेन करने के साथ ऑनलाइन फीडिंग करनी होगी। वहीं, सोने में जीएसटी के बाद दो से तीन प्रतिशत कीमत बढ़ेगी।
जीएसटी की पालिसी अभी क्लीयर नहीं हो सकी है। इसमें क्या-क्या बिंदु हैं, कारोबारी अंजान हैं। हालांकि वर्तमान में एक प्रतिशत टैक्स देय है, जीएसटी के बाद यह बढ़कर तीन प्रतिशत होगी। इसका ग्राहक और व्यापारी दोनों पर ही पड़ेगा - मूलचंद अग्रवाल, अध्यक्ष, सराफा एसोसिएशन।