व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में बिगुल फूंक दिया है। जीएसटी के विरोध में व्यापार संगठनों ने बैठक कर शुक्रवार को बाजार पूरी तरह से बंद रखने का एलान किया है। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ व्यापारियों को एकजुट किया जा रहा है। व्यापारियों ने जीएसटी के कई प्रावधानों को समझ से परे बताते हुए इसे व्यापारी वर्ग का उत्पीड़न करार दिया है।
एसडी मार्केट में कपड़ा व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने मीटिंग कर जीएसटी का विरोध किया। व्यापारियों ने कहा कि देश में बीते 70 साल से कपड़े पर कोई टैक्स नहीं लगा है। अब केंद्र सरकार जीएसटी में कपड़े को भी शामिल कर रही है, जो कि ग्राहक, व्यापारी के लिए नुकसानदायक है। इसके विरोध में शुक्रवार को एसडी मार्केट, झांसी की रानी, शिवचौक बाजार को बंद रखा जाएगा। बैठक में राजकुमार कालरा, अनिल नामदेव, योगेश भगत, राकेश कंसल, अशोक छाबड़ा, कृष्णपाल, आनंदपाल, विक्की चावला आदि रहे।
उधर, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी महेश चौहान, राकेश घींगरा, राजेंद्र काटी, संजय मित्तल आदि ने भी सदस्यों के साथ बैठक कर जीएसटी के विरोध में शुक्रवार को बाजार बंद रखने का ऐलान किया है। संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने भी भारत बंद को लेकर पूरी तरह से समर्थन करने की घोषणा की है। पदाधिकारियों ने व्यापारियों के बीच घूमकर शुक्रवार को दुकानें बंद रखकर विरोध जताने की अपील की है।
इस दौरान सरदार सुलक्खन सिंह नामधारी, राकेश त्यागी, दीपक नारंग, अशोक बंसल आदि रहे। उधर, उप्र उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शिव चौक पर प्रदर्शन कर जीएसटी के विरोध किया। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर ज्ञापन भेजा गया। इस दौरान सरदार बलविंद सिंह, चौधरी फुरकान, शिव कुमार सिंघल, सुशील गोयल, अनिल साझक, प्रवीण जैन, सुनील वर्मा आदि मौजूद रहे।