सीएए के विरोध में चल रहे धरने को संबोधित करती महिला
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देवबंद (सहारनपुर)। सीएए, एनपीआर और संभावित एनआरसी के खिलाफ ईदगाह मैदान में चल रहा धरना प्रदर्शन 53वें दिन जारी रहा। इस दौरान आंदोलनकारी महिलाओं ने कहा कि केंद्र सरकार नहीं चाहती है कि देशवासी सुख और शांति से रहे। यही कारण है कि इतना विरोध होने के बावजूद सरकार अपने गलत फैसले पर पुनर्विचार करने को तैयार नहीं है।
मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले चल रहे धरना प्रदर्शन में अरशी शेख व अलका महराज ने कहा कि संविधान के दायरे में रहकर विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन कुछ ताकतें उनसे यह अधिकार छीनने का प्रयास कर रही हैं। जिन्हें कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। शिफा मरियम ने कहा कि इस समय पूरे देश में कोरोना वायरस की दहशत है, इसलिए सभी की जिम्मेदारी बनती है कि सीएए के साथ कोरोना वायरस के खिलाफ भी आवाज बुलंद कर लोगों को इसके प्रति जागरूक करें और इसके बचाव के तरीके बताएं। उन्होंने महिलाओं ने साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखने को कहा। इरम उस्मानी, फौजिया उस्मानी और सलमा अहसन ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान महिलाओं ने सरकार से काले कानून सीएए को वापस लेने की मांग की।