दारुल उलूम, देवबंद (फाइल फोटो)
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देवबंद (सहारनपुर)। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुरूप दारुल उलूम ने भी संस्था से संबद्ध सभी मदरसों को वार्षिक परीक्षाओं को रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम ने शासन की मंशा के अनुरूप कोरोना वायरस को लेकर एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को संस्था के मोहतमिम व राब्ता-ए-मदारिस इस्लामिया अरबिया के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने संस्था से संबद्ध सभी दीनी इदारों को पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए विभिन्न प्रदेशों में सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टियां घोषित की हैं और इसी के तहत मदारिस-ए-इस्लामिया के जिम्मेदारों पर भी दबाव बनाया गया। जिसके चलते राब्ता-ए-मदारिस से संबद्ध मदरसों के छात्रों की सामूहिक वार्षिक परीक्षा कराना संभव नहीं है। इसलिए निर्णय लिया गया कि संबद्ध मदरसों में होने वाली वार्षिक परीक्षा रद्द कर दी जाएं। मोहतमिम नोमानी ने यह निर्देश भी दिए कि मदरसों के जिम्मेदार अपने यहां वार्षिक परीक्षा संपन्न कराते हुए इसकी रिपोर्ट मुख्य कार्यालय दारुल उलूम को भेज दें। वहीं, देर शाम दारुल उलूम प्रबंधतंत्र की बैठक हुई। जिसमें मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी समेत अन्य जिम्मेदार मौजूद रहे। बैठक में मौजूदा हालात पर विचार मंथन करते हुए संस्था में होने वाली वार्षिक परीक्षा को निर्धारित तिथि 26 मार्च से दो चरणों में कराने का निर्णय लिया गया, लेकिन यह भी कहा गया कि यदि हालात बेहतर नहीं होते तो परीक्षा की तिथि में बदलाव किया जा सकता है।