मुजफ्फरनगर। ठंड का मौसम आने के बाद वायु प्रदूषण का ग्राफ ऊपर जा रहा है। ग्रेप-3 की पाबंदियां लागू हो गई हैं, लेकिन फैक्टरियों में जेनरेटर धुआं उगल रहे हैं। गुड़ कोल्हुओं में प्रतिबंधित ईंधन जलाया जा रहा है, जिससे सांस और अस्थमा रोगियों को परेशानी महसूस हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने वायु और जल प्रदूषण फैलाने के मामले में कई इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं।
नवंबर माह में वायु प्रदूषण का ग्राफ बार-बार ऊंचा जा रहा है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 205 दर्ज किया गया। हालांकि रविवार को एक्यूआई खतरनाक स्तर 305 पर पहुंच गया था। मौजूदा माह में एक्यूआई स्तर चार बार 300 को पार कर चुका है। औद्योगिक इकाइयों में मानकोंं का उल्लंघन और तापमान घटने से वातावरण में नमी के कारण भी वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप-3 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं, जिनके पालन में कोताही बरती जा रही है।
स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।ा