मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में गन्ना भुगतान नहीं करने पर पुलिस ने बजाज चीनी मिल भैंसाना के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप राठी को हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया है। रालोद कार्यकर्ता मिल अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि देर रात तक मिल अधिकारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। अधिकारी किसान नेताओं के साथ वार्ता में लगे हुए थे।
किसानों के गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं का बजाज चीनी मिल भैंसाना पर बुधवार को तीसरे दिन भी धरना जारी रहा।
शाम करीब पांच बजे तक किसी भी अधिकारी के न पहुंचने से नाराज किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी से सम्पर्क किया। डीसीओ ओमप्रकाश यादव किसानों के बीच पहुंचे। चीनी मिल के उपाध्यक्ष की गैरमौजूदगी में जीएम केन कुलदीप राठी अन्य अधिकारियों के साथ किसानों के बीच पहुंचे।
एसडीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी की मौजूदगी में डीसीओ ओमप्रकाश यादव, जीएम कैन कुलदीप राठी, धरने के संयोजक पूर्व विधायक राजपाल बालियान, छपरौली विधायक वीरपाल राठी, रालोद नेता डॉ राजकुमार सांगवान और धर्मवीर बालियान के बीच गन्ना भुगतान को लेकर वार्ता हुई।
चीनी मिल के अधिकारी और डीसीओ दो करोड़ रुपये रोजाना भुगतान देने को राजी हुए तो रालोद नेताओं ने मना कर दिया। इसी बीच किसानों ने हंगामा करते हुए चीनी मिल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। पूर्व विधायक राजपाल बालियान भी प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े।
उन्होंने तत्काल जीएम केन को गिरफ्तार करने की मांग की। अधिकारियों के इशारे पर बुढ़ाना पुलिस जीएम केन कुलदीप राठी को हिरासत में लेकर थाने पहुंच गई। एसडीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने माइक संभालते हुए किसानों को समझाया कि वे वार्ता कर रहे हैं। समस्या का समाधान होगा आप धैर्य रखें।
धरनास्थल पर पूर्व मंत्री योगराज सिंह, तरसपाल मलिक, रणधावा मलिक, जिलाध्यक्ष अजित राठी, सुधीर भारती, अवनीश चौधरी, सत्यपाल सहरावत आदि ने विचार व्यक्त किये।
मिल के अधिकारियों के खिलाफ तहरीर देने के लिए रालोद नेता, जिला गन्ना अधिकारी और समिति के सचिव संजय राठी से वार्ता कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक कोतवाली में कोई तहरीर नहीं दी गई थी। पुलिस का कहना है कि तहरीर आने पर ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।