छपार। बरला में गैस की किल्लत से कोयले की भटटी चलाता दुकानदार-संवाद
छपार। क्षेत्र में गैस की किल्लत से चाय, मिष्ठान भंडार व ढाबे पर चाय लकड़ी या कोयले से पकाई जा रही है। कुछ दुकानदारों ने तो चाय बेचनी ही बंद कर दी है।
क्षेत्र में हाइवे के किनारे रामपुर तिराहा से छपार बरला में ढाबों पर गैस नहीं है उन्हें लकड़ी या कोयला खरीदना पड़ रहा है। कुछ ने चाय बेचना ही बंद कर दिया है। मिष्ठान व चाय की दुकानों पर भी गैस नहीं होने से दुकानदार परेशान हैं। गैस की किल्लत से दुकानदारों को चाय, समोसे, पकौड़ी आदि की दुकान चलाना मुश्किल हो रहा है। बरला में चौराहे पर स्थित एक मिष्ठान भंडार के मालिक निशांत भटनागर कोयले की भट्टी पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस सिलिंडर तो सरकार ने बंद कर दिए।
छोटे गैस सिलिंडर मिल नहीं रहे हैं। गैस एजेंसी पर 45 दिन पहले बुक कराना पड़ता है। गैस किल्लत से कोयले के दाम भी बढ़ रहे हैं। दो दिन पहले कोयला 24 सौ रुपये कुंतल था अब 25 सौ रुपये कुंतल खरीदा है। अब वे दिन दूर नहीं है जब गांव, शहर, चाय, मिष्ठान के दुकानदारों को लकड़ी व कोयला जलाने को मजबूर होना पड़ेगा इससे महंगाई बढ़ेगी।