मुजफ्फरनगर। शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए शुरू किए गए एटूजेड सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट किदवईनगर बंद पड़ा है। नगर पालिका ने नोटिस जारी कर रोल्ज इंडिया कंपनी को प्लांट चालू नहीं करने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।
शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए करीब 11 साल पूर्व एटूजेड इन्फ्रास्टेक्चर कानपुर के साथ मिलकर किदवईनगर में अपनी 84 बीघा भूमि पर सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित कराया था। प्लांट दो बार शुरू होकर फिर से बंद हो चुका है। प्लांट पर 13 करोड़ की धनराशि खर्च हुई थी। प्लांट तैयार होने के बाद चलाने की जिम्मेदारी एटूजेड कंपनी को दी गई थी। कुछ दिन तक नगर पालिका अपने संसाधनों से कूड़ा पहुंचाती रही। बाद में प्लांट के बिजली बिल भुगतान और अन्य मद के भुगतान को लेकर निकाय और कंपनी के बीच मतभेद हो गए और प्लांट में ताला बंद कर कंपनी चली गई। वर्ष 2018 से प्लांट में ताला बंद रहा तो प्लांट के कीमती सामान चोरी हो गए हैं। नगर पालिका ने प्लांट परिसर में मशीनरी बंद हो जाने के कारण इस प्लांट को कूड़ा डंपिंग सेंटर बना दिया।
अक्टूबर 2020 की बोर्ड बैठक में स्वीकृत प्रस्ताव के आधार पर गाजियाबाद की कंपनी रोल्ज इंडिया वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर हुआ। पालिका से हुए करार के अनुसार 297 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से कंपनी को कूड़ा निस्तारण के लिए पालिका को भुगतान करना था। कंपनी को प्लांट चलाने और मशीनरी की मरम्मत के लिए न्यूनतम दर के आधार पर 39.50 लाख रुपये का भुगतान भी पालिका को करना पड़ा। फरवरी 2021 में प्लांट शुरू हुआ, लेकिन कुछ माह बाद ही विवाद होने लगा। जुलाई 2021 से प्लांट फिर बंद चला आ रहा है। इस बीच कंपनी को कूड़ा निस्तारण के लिए पालिका प्रशासन द्वारा 17.50 लाख रुपये का और भुगतान किया गया। इस तरह से कंपनी पालिका से 57 लाख रुपये का भुगतान ले चुकी है।
पालिका नोटिस जारी कर चुकी
पालिका के जोनल सेनेटरी ऑफिसर राजीव कुमार ने बताया कि प्लांट कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है। इसके लिए कंपनी को पांच मार्च को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों में प्लांट को चालू करने के लिए निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही प्लांट का बकाया विद्युत बिल जमा कराने को भी कहा था। ऐसा न करने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गयी थी। ऐसे में कंपनी द्वारा कोई उत्तर नहीं देने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी की जा रही है।