उत्तराखंड और हरियाणा से लाकर डाला जा रहा है कचरा
मुजफ्फरनगर। शहर के धंधेड़ा नाले के पास उत्तराखंड और हरियाणा से लाकर औद्योगिक इकाइयों का प्लास्टिक कचरा फेंका जा रहा है। जानकारी मिलने पर एसडीएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मौके पर जाकर इस कचरे को उठवाया। इस संबंध में कुछ ठेकेदारों को एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई।
जनपद मेें बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के चेयरमैन डॉ भूरेलाल ने हाल में ही जिले का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान खतौली से लेकर शहर तक कई स्थानों पर कूड़ा जलता मिला था। साथ ही औद्योगिक इकाइयों के बाहर भी वेस्ट मैटीरियल पड़ा मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 24 औद्योगिक इकाईयों पर करीब एक करोड़ रुपये का जुर्माना किया। प्रदूषण में सुधार के लिए जनपद में वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू है मगर इसका फायदा नहीं हो रहा है।
वायु प्रदूषण का स्तर लगातार घट और बढ़ रहा है। उधर, कुछ लोग अभी भी बाज नहीं आ रहे है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग को शुक्रवार को सूचना मिली कि धंधेड़ा में नाले के पास प्लास्टिक कचरा डाला जा रहा है। जिस पर एसडीएम सदर दीपक कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पर प्लास्टिक कचरा पड़ा मिला। वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। तुरंत ही वहां से कचरा उठवा कर एक निर्धारित स्थान पर एकत्र कराया गया, ताकि उसे राजस्थान की सीमेंट फैक्टरी में भेजा जा सके। एसडीएम ने बताया कि कुछ ठेकेदारों ने यहां कचरा डाला था, जिनसे कचरा उठवा दिया गया है। अब यहां कचरा डाल गया तो एफआरआई दर्ज कराई जाएगी।
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निगरानी टीम लगाई
प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा उत्तराखंड के रुड़की, काशीपुर और हरियाणा से प्लास्टिक कचरा लाकर यहां डालने की जानकारी मिली है। अब यहां निगरानी टीम लगा दी गई। ऐसा करने वालों को पकड़ कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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एआईक्यू में सुधार, 284 हुआ
बीते दो दिनों से जनपद के वायु प्रदूषण में सुधार है। तीन दिन पहले एक्यूआई बढ़कर 343 पर पहुंच गया था, जो बृहस्पतिवार को कम होकर 282 रहा, जबकि शुक्रवार को 284 दर्ज किया गया।