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नहीं दिखी घाट पर उगी घास और गंदगी

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शुकतीर्थ में गंगा घाट पर जमी घास। - फोटो : KHATAULI
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मोरना। कार्तिक गंगा स्नान को लेकर तीर्थनगरी शुकतीर्थ में मेले के शुभारंभ को लेकर दो दिन शेष बचे हैं, लेकिन गंगाघाट पर उगी घास और पिलर में अटके कबाड़ को हटाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। बृहस्पतिवार को मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे अधिकारियों ने व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए, लेकिन किसी को भी घाट पर उगी घास और गंदगी नजर नहीं आई।
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सरकार जहां गंगा के घाटों की सफाई कराकर सुंदर बनाने के दम भरती है, लेकिन शुकतीर्थ गंगाघाट पर जमी घास की तस्वीर इन दावों को धता बता रही है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानों को लगाना आरंभ कर दिया है। वहीं जिला पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी मेला ग्राउंड को संवारने में जुटे हुए हैं। इसी के मद्देनजर जिला पंचायत मुजफ्फरनगर की ओर से मेले की तैयारियों का अपर मुख्य अधिकारी नूतन शर्मा, इंजीनियर कमल किशोर, अवर अभियंता उदय सिंह, जितेंद्र पाल सिंह ने मेला ग्राउंड परिसर में जाकर जायजा लिया। उन्होंने ठेेकेदार नरेंद्र गर्ग, अंकित, राजू और रविंद्र कुमार से जानकारी लेते हुए दिशा निर्देश दिए। इन सबके बावजूद किसी भी अधिकारी को घाट पर उगी घास और पिलर के नीचे अटका कबाड़ तक दिखाई नहीं दिया। उधर, इंजीनियर कमल किशोर ने बताया कि मुख्य गंगा घाट की दूसरी ओर बन रहे घाट कर्मचारियों द्वारा श्रद्धालु की सुरक्षा बंदोबस्त के चलते बैरिकेडिंग की जा रही है, जबकि गंगा सेवा समिति के पदाधिकारी इस कार्य से सहमत नहीं हैं। नगर के मुख्य मार्गों को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाए गए हैं।
मेले में भारी पुलिस बल का इंतजाम रहेगा
भोपा थाना प्रभारी ने बताया कि गंगा स्नान मेले की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 19 इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर 30, महिला सब इंस्पेक्टर 6, हवलदार 21, कांस्टेबल 64, महिला कांस्टेबल 45, ट्रैफिक पुलिसकर्मी 8, एक कंपनी पीएसी, फायरब्रिगेड, वायरलेस शाखा टीम आदि सहित मेला कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह को बनाया गया है। उधर, सीओ भोपा ने बताया कि मेले में शुकतीर्थ क्षेत्र संबंधित शराब के ठेकों पर मेले के दौरान सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। जिसमें भोपा, मोरना, भोकरहेड़ी, बेहड़ा सादात, सिकंदरपुर आदि शराब के ठेकों को चिह्नित किया गया है।
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कल होगा मेले का शुभारंभ
अपर मुख्य अधिकारी नूतन शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत मेले का शुभारंभ के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, प्रदेश के राज्यमंत्री विजय कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर, विधायक उमेश मलिक, विधायक विक्रम सैनी, विधायक प्रमोद ऊंटवाल आदि को निमंत्रण दिया गया है। इस मौके पर समस्त जिला पंचायत सदस्य भी शुभारंभ में शामिल रहेेंगे। वहीं मेले के दौरान 9 नवंबर को कबड्डी प्रतियोगिता में युवक युवतियां और 10 नवंबर को वॉलीबाल प्रतियोगिता, 11 नवंबर में लोक गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
गंगा में प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
नमामी गंगा के सह-संयोजक डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ रखने की जानकारी देने के लिए गंगा घाट के पुरोहितों, पंडों, फूल एवं प्रसाद विक्रेता, अनुष्ठान करने वाले और नगर के समाजसेवियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं से गंगा में खाने पीने की खाली पैकेट, पुराने वस्त्र, बच्चों के मुण्डन बाल, पुरानी तस्वीरे तथा कथित रुप के शगुन का सामान, घर की पूजा स्थल की सामग्री आदि सहित गंगा स्नान मेले के दौरान बनाई टॉयलेट का वेस्टेज को गंगा में न डालकर पाप के भागीदार न बनें। वहीं पशुओं को गंगा में नहीं नहलाएं, तो तीर्थ नगर की गरिमा बनी रहेगी। मौके पर पूर्व प्राचार्य इंद्रपाल राणा, विनोद शर्मा, पूर्व प्रधान नीरज रायल, डा. वीरपाल सहरावत, डायरेक्टर ब्रजवीर सिंह, ओमपाल चौहान, सुबोध आदि रहे।
शनिधाम में सवा करोड़ मंत्रों की आहुति देने वाले यज्ञ का आयोजन
मोरना। मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज ने कहा कि यज्ञ हमारी प्राचीन सभ्यता की धरोहर है। वैदिक मंत्रोचारण की शक्तियों को विश्व ने माना है। विश्व शांति रहे, यह हम सब की कामना होनी चाहिए।
महानिर्वाणी पंचायती अखाड़े हरिद्वार से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी बंशीपुरा महाराज ने कहा कि समाज और वायु मंडल मेें फैले प्रदूषण को रोकने के लिए यज्ञ का आयोजन रामबाण के समान होता है। जो संस्कृति से विमुख हो चले हैं, उनको रोकना होगा। तभी जाकर हम सब शांति से जीवन का आनंद ले सकेंगे। महामंडलेश्वर गोपालाचार्य महाराज ने कहा कि जीवन को सद्गति देने के लिए अपने आपका भक्ति के सागर में डूबना ही जीवन के लिए एक मात्र कल्याण का रास्ता है। संतों का सम्मान और धर्म का पालन ही हमारी संस्कृति का बचाने का एक मात्र उपाय है। इस मौके पर शनिधाम अधिष्ठता स्वामी उत्तम गिरी महाराज, स्वामी गीतानंद महराज, स्वामी पुरुषोत्तम गिरी महाराज, स्वामी कर्णपुरी महाराज आदि ने अपने विचार रखें। आयोजित भंडारे का प्रसाद संत महात्माओं को खिलाकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर दक्षिणा भी दी गई।
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