नगर पालिका के सभासद के पति वीरेंद्र मुन्ना का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। मंगलवार सुबह ग्यारह बजे उनका शव मेरठ से जाट कालोनी स्थित आवास पर पहुंचा, जहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वीरेंद्र मुन्ना की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
शाहपुर क्षेत्र के गांव कुटबा के मूल निवासी सभासद के पति विरेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना की सोमवार देर रात सकौती ओवरब्रिज पर सड़क हादसे में मौत हो गई। वह चरथावल के पूर्व प्रमुख जिल्ले हैदर के साथ कार द्वारा गाजियाबाद से मुजफ्फरनगर आ रहे थे। उनकी कार सकौती रेलवे ओवरब्रिज से नीचे गिर गई थी।
हादसे मेें उनकी मौत की खबर सुनते ही जाट कालोनी और गांव कुटबा में शोक छा गया। जाट कालोनी स्थित उनके आवास पर सुबह से ही लोग जमा होने प्रारंभ हो गए। पालिका की राजनीति में वीरेंद्र मुन्ना सबसे लोकप्रिय सभासद रहे। 1995 से वे लगातार सभासद थे। इस बार उन्होंने खुद न लड़ वार्ड दस से अपनी पत्नी संगीता को चुनाव लड़वाया था, जो वर्तमान में सभासद हैं। जीवन में उन्होंने कभी हार नहीं देखी, केवल मौत से हार गए।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे मेरठ से वीरेंद्र मुन्ना का शव लेकर परिजन जब घर पहुंचे, तो परिवार में कोहराम मच गया। भारी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां से अंतिम यात्रा नई मंडी भोपा रोड श्मशान घाट पर पहुंची। वहां उनके बड़े पुत्र शिवम ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक उमेश मलिक, पूर्व चेयरमैन पंकज अग्रवाल, भाकियू नेता राकेश टिकैत, ज्ञान कुमार एडवोकेट, विवेक बालियान, प्रेम चेयरमैन, इंद्र सिंह, हरिओम, विकास बालियान, पालिका के समस्त वर्तमान और पूर्व सभासद, नगर पालिका के समस्त कर्मचारी, गांव कुटबा और जनपद के आस-पास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल रहे।
पालिका में शोक सभा के बाद अवकाश घोषित
मुजफ्फरनगर। सभासद के पति वीरेंद्र मुन्ना के निधन पर नगरपालिका परिषद में शोक प्रस्ताव लाकर अवकाश घोषित कर दिया गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी, कर निर्धारण अधिकारी अरुण कुमार, लेखाकार राजेंद्र सिंह, टीएस आरडी पोरवाल, ओएस ओमवीर सिंह, स्टेनो गोपाल त्यागी आदि ने शोक जताया।
जहां से लड़े चुनाव, कोई हरा नहीं पाया
मुजफ्फरनगर। वीरेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना का नाम नगर पालिका परिषद के सियासी इतिहास में हमेशा ही चर्चाओं का कारण बना रहेगा। वीरेंद्र मुन्ना ने सभासद का चुनाव जिस वार्ड से भी लड़ा हमेशा जीते। वह कोई चुनाव नहीं हारे। कृष्णापुरी से पहला चुनाव लड़ा और जीते, इसके बाद लगातार जीतते चले गए।
एक योजना में पति-पत्नी दोनों सभासद रहे। दूसरी बार वो कृष्णापुरी से चुनाव मैदान में उतरे और अपनी पत्नी को जाट कालौनी से चुनाव लड़ाया। दोनों वार्डों से निर्वाचित होने के बाद पति और पत्नी एक साथ सदन में पहुंचे। चेयरमैन सुभाषचंद शर्मा से लेकर पंकज अग्रवाल तक के कार्यकाल में वह सभासद रहे। इस बार उनकी पत्नी संगीता वार्ड दस से सभासद हैं।
आखिरी टाइम में धोखा दे दिया
मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक कहते हैं कि वीरेंद्र मुन्ना ने इंटर उनके साथ की। डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएट किया। 48 साल से दोनों साथ थे। जीवन में उसने कभी धोखा नहीं दिया। आखिरी टाइम में धोखा दे गया। आज श्मशान घाट तक का ही हमारा आखिरी साथ था।
मुन्ना के साथ पालिका में तीन बार सभासद रहे पवन अरोरा कहते हैं कि वह बहुत मिलनसार थे, आम जनता के पालिका के काम खुद ही कराकर ले जाते थे। क्षेत्र के लोगों को पालिका नहीं आना पड़ता था। उधर, सड़क हादसे में घायल हुए जिल्ले हैदर की हालत भी नाजुक बनी हुई है। उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई है और फेफडे डैमेज हो गए हैं। मेरठ से उन्हें दिल्ली रैफर किया गया है।